Dailyhunt
मुजफ्फरनगर में रोडवेज कर्मचारियों का धरना: निजीकरण और अवैध संचालन के खिलाफ हुंकार

मुजफ्फरनगर में रोडवेज कर्मचारियों का धरना: निजीकरण और अवैध संचालन के खिलाफ हुंकार

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेशव्यापी आह्वान पर मुजफ्फरनगर डिपो के वर्कशॉप परिसर में सैकड़ों कर्मचारियों ने धरना देकर शासन और निगम प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।

इस धरने में ट्रैफिक, स्टेशन और वर्कशॉप शाखा से जुड़े बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता चन्द्रशेखर और विनोद कुमार ने संयुक्त रूप से की। कर्मचारियों ने एकजुट होकर परिवहन व्यवस्था और निगम की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

धरने के दौरान कर्मचारियों ने राष्ट्रीयकृत मार्गों पर निजी बसों के अवैध संचालन और छोटी गाड़ियों की बढ़ती डग्गामारी पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि निजी बसें नियमों की अनदेखी कर संचालन कर रही हैं, जिससे उत्तर प्रदेश परिवहन निगम को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस पर रोक नहीं लगी तो निगम की स्थिति और कमजोर हो सकती है।

वक्ताओं ने परिवहन निगम के निजीकरण की कोशिशों का भी कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि निगम की संपत्तियों और संचालन व्यवस्था को निजी हाथों में देना कर्मचारियों और आम जनता दोनों के हित में नहीं है। साथ ही कार्यशालाओं के निजीकरण पर रोक लगाने और नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी रखी गई।

कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख मांगों में एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीयकृत मार्ग घोषित करना, इलेक्ट्रिक बसों से होने वाले घाटे की भरपाई सरकार द्वारा करना, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्पष्ट सेवा नियमावली बनाना, नियमितीकरण, वेतन वृद्धि, बकाया भत्तों का भुगतान और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं शामिल कीं।

परिषद ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 19 मई तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। साथ ही 20 मई को क्षेत्रीय स्तर पर बड़ा धरना और रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है, जिसमें बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे।

कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगों की अनदेखी से न केवल परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि प्रदेश में औद्योगिक और प्रशासनिक असंतोष भी बढ़ सकता है।



Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Royal Bulletin