मुजफ्फरनगर | जनपद के थाना नई मंडी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली टीपी नगर चौकी पुलिस एक बार फिर विवादों के घेरे में है। मेघाखेड़ी गांव के एक परिवार ने चौकी इंचार्ज पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पुलिस ने आधी रात को घर की दीवार फांदकर बेटों को जबरन उठाया, मारपीट की और हिरासत में एक युवक के पैर में गोली मार दी।
इस घटना से आक्रोशित पीड़ित परिवार दर्जनों महिलाओं के साथ एसएसपी कार्यालय पहुँचा और घंटों तक न्याय की गुहार लगाई।
दीवार फांदकर घर में घुसी पुलिस, बंदूक के बल पर बनाया बंधक
सपा नेत्री मोनिका के नेतृत्व में एसएसपी दफ्तर पहुँचे मेघाखेड़ी निवासी सरताज ने बताया कि 4 मई की रात करीब 11 बजे टीपी नगर चौकी इंचार्ज और कुछ अन्य लोग (जो सादे कपड़ों में थे) उनके घर की दीवार कूदकर अंदर दाखिल हुए। सरताज के अनुसार, उस समय परिवार खाना खाकर सो रहा था। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने बंदूक की नोक पर पूरे परिवार को बंधक बना लिया और महिलाओं के साथ अभद्रता व गाली-गलौज की।
तीन बेटों को उठाया, एक को लगी गोली
परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनके तीन बेटों-सलमान, इमरान और गुल्लू उर्फ शाहनवाज-को जबरन एक निजी वाहन में डालकर ले गई। शोर सुनकर जब ग्रामीण और पूर्व प्रधान इकट्ठा हुए, तो पुलिसकर्मियों ने खुद को पंजाब पुलिस बताकर उन्हें गुमराह किया। परिवार का सबसे सनसनीखेज आरोप यह है कि पुलिस हिरासत में सलमान के पैर में गोली मार दी गई है, जबकि इमरान को अभी भी बिना किसी कागजी कार्रवाई के अवैध हिरासत में रखा गया है।
सीसीटीवी में कैद हुई घटना
पीड़ित परिवार ने एसएसपी को बताया कि पुलिस की यह पूरी 'दबिश' घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है। उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बेटों के साथ कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है या उन्हें किसी पुराने फर्जी मुकदमे में फंसाया जा सकता है। घंटों तक एसएसपी कार्यालय पर डटी रही महिलाओं ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बेटों की सुरक्षित रिहाई की मांग की है।

