पानीपत। प्रेम विवाह के प्रतिशोध में एक युवक की निर्मम हत्या करने के मामले में पानीपत की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 5 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडिशनल सेशन जज (ए.एस.जे) सुदीप सिंह की अदालत ने दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
क्या था मामला?
घटना 20 फरवरी 2023 की है। गांव बाबैल के मूल निवासी और हाल वासी हाउसिंग बोर्ड अंसल कॉलोनी, बंटी ने गांव की ही काजल नाम की युवती से प्रेम विवाह किया था। इस शादी से लड़की पक्ष और बंटी के ताऊ के लड़के नाराज चल रहे थे। मृतक के भाई विजय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी लगातार बंटी की रेकी कर रहे थे और उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे थे।
अंसल गेट के पास मारी थी गोली
शादी के बाद बंटी अंसल कॉलोनी के बाहर सब्जी बेचकर अपना गुजर-बसर कर रहा था। 20 फरवरी की रात करीब 8:45 बजे सेक्टर 13-17 स्थित अंसल गेट के पास आरोपियों ने बंटी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने विजय की शिकायत पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाह बने सजा का आधार
डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी राजेश चौधरी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 23 गवाहों को पेश किया। इसके साथ ही FSL (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) की रिपोर्ट को प्रमुख साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे यह साबित हुआ कि हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई थी।
इन्हें मिली सजा और कौन हुआ बरी?
अदालत ने धारा 302 के तहत निम्नलिखित पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आरोपी सुरेंद्र (निवासी बाबैल), रिंकू (निवासी बस्ताड़ा), अनिल (निवासी चुलकाना), राजेश उर्फ राजू (निवासी चुलकाना) और श्यामसुंदर (निवासी चुलकाना) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस मामले में साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी मोनू को अदालत ने बरी कर दिया है।

