Friday, 07 Dec, 12.22 pm रॉयल बुलेटिन

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सांसद सावित्री बाई फुले ने भाजपा छोड़ी, इस्तीफा...सांसद ने भाजपा को दलित, पिछड़ा व मुस्लिम विरोधी बताया

लखनऊ। अपने विवादित बयानों से केंद्र तथा प्रदेश सरकार को अक्सर घेरने वाली उत्तर प्रदेश की बहराइच सीट से भारतीय जनता पार्टी की सांसद सावित्री बाई फुले ने पार्टी को दलित, पिछड़ा तथा मुस्लिम विरोधी बताते हुए प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। सुश्री फुले ने नमो बुद्धाय जन सेवा समिति द्वारा राजधानी लखनऊ स्थित कैपिटल हाल में बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भाजपा दलित, पिछड़ा व मुस्लिम विरोधी है। भाजपा देश को मनुस्मृति से चलाना चाहती है। आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है। लखनऊ में इस्तीफे का एलान करते हुए सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से झूठ बोला है और भाजपा की कथनी करनी में फ$र्क है। दलितों और पिछड़ों ने 2०14 में भाजपा को जमकर वोट देकर सामाजिक न्याय के लिए मोदी को प्रधानमंत्री बनाया था। सुश्री सावित्री बाई फुले ने कहा कि भाजपा आरक्षण खत्म करने की साजिश रच रही है। भाजपा देश के संविधान को बदलने की कोशिश करने में लगी है। उन्होंने कहा कि सरकार दलित विरोधी है। न तो संविधान लागू किया जा रहा है और न ही आरक्षण। बड़ी सफाई से ओबीसी तथा एससी आरक्षण पर चोट की जा रही है। जब तक ओबीसी आरक्षण तथा एससी-एसटी एक्ट को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जाता, तब तक इसका कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि महज थोड़ा सा लालच देकर विकास की बात हो रही है। ऐसे में बहुजन समाज का विकास कैसे हो, जबकि डॉ. अंबेडकर ने सबको बराबरी का दर्जा दिया था। अधिकार दिया था कि सभी रोजगार के माध्यम से आगे बढ़ेंगे, लेकिन हालात ये हैं कि अनुसूचित जाति के लोग मजदूरी न करें तो दो जून की रोटी नहीं मिलती। अगर योजनाओं का लाभ मिल गया होता तो गांव का गरीब खुशहाल होता। सुश्री सावित्री फुले ने कहा कि वह कार्यकाल पूरा होने तक सांसद रहेंगी। सिर्फ पार्टी से इस्तीफा दिया है। वर्ष 2०14 में हुये लोकसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल हुईं सांसद ने कई मौकों पर भाजपा सरकार को कठघरे में खड़ा किया था। बहराइच से भाजपा सांसद साध्वी सावित्री बाई फुले ने कहा कि संविधान की रक्षा करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। आज संविधान की समीक्षा की बात कही जा रही है। अगर संविधान अपने मौजूदा मूल स्वरूप में नहीं बचा तो दलित विधायक और सांसद नहीं बन पाएंगे। तमाम सरकारें आई और गई, पर इस देश में संविधान को संपूर्ण रूप से आज तक लागू नहीं किया गया है। सांसद सावित्री बाई फुले ने सरकार की योजनाओं पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार की योजनाएं गरीबों तक नहीं पहुंचती, सिर्फ उन्हें झुनझुना पकड़ाया जा रहा है। थोड़ा सा लालच देकर विकास की बात की जाती है, जबकि दलित और गरीब आज भी जैसे-तैसे जिंदगी काट रहा है। उन्होंने कहा कि बहुजन के पास दो जून की रोटी नहीं है। जिन योजनाओं की बात की जा रही है, वह योजनाएं गांव तक नहीं पहुंचती। बहुजन समाज के पास तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सरकार नाकाम रही है। सावित्री बाई ने कहा कि भाजपा बहुजनों के हित में कोई कार्य नहीं कर रही है। यहां तक कि समतामूलक समाज की स्थापना करने वाले बाबा साहेब की प्रतिमा तोडऩे वालों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

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