अयोध्या: पवित्र सावन मास के पहले सोमवार को लेकर धर्मनगरी अयोध्या में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। देश के कोने-कोने से आने वाले शिव भक्तों और कांवड़ियों की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।
मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टरों में विभाजित किया गया है, ताकि हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हाई-टेक निगरानी
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सावन के पहले सोमवार पर उमड़ने वाली शिव भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं:
जोन और सेक्टर में बांटा मेला क्षेत्र: सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को कई जोन और सेक्टरों में बांटा गया है, जहां मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है।
ड्रोन और सीसीटीवी से नजर: हनुमानगढ़ी, कनक भवन, नागेश्वर नाथ मंदिर समेत प्रमुख शिवालयों और मुख्य मार्गों पर सुरक्षा के कड़े पहरे हैं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सरयू घाटों पर विशेष सतर्कता: पवित्र सरयू नदी के विभिन्न घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए जल पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके।
प्रमुख मंदिरों में उमड़ रही शिव भक्तों की भीड़
सावन के पहले सोमवार को लेकर रविवार शाम से ही अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। नागेश्वर नाथ मंदिर समेत अन्य शिवालयों में 'हर हर महादेव' के जयकारे गूंजने लगे हैं। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करने और ट्रैफिक डायवर्जन नियमों का पालन करने की अपील की है।

