Dailyhunt
उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: धामी सरकार ने 17 अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी, कई विभागों की नियमावली में हुआ बदलाव

उत्तराखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: धामी सरकार ने 17 अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी, कई विभागों की नियमावली में हुआ बदलाव

देहरादून। उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में गुरुवार को विभिन्न विभागों से जुड़े 17 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में परिवहन, औद्योगिक विकास, शिक्षा, वन, अल्पसंख्यक कल्याण समेत कई क्षेत्रों में नीतिगत फैसले लिए गए।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास, सुशासन और जनकल्याण को केंद्र में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। परिवहन व्यवस्था को सशक्त बनाने, विधिक सेवाओं को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने, खनन नियमों में आवश्यक संशोधन तथा वन सेवा व्यवस्था को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में ये फैसले प्रदेश के विकास को नई गति देंगे। हमारी सरकार जनहित सर्वोपरि के संकल्प के साथ उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्यरत है। सबसे प्रमुख निर्णय के तहत मोटर यान (संशोधन) नियमावली 2026 को कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई। इसके तहत परिवहन विभाग में पूर्व में सृजित पदों के सापेक्ष वर्दी निर्धारण को भी मंजूरी दी गई है।

अब पुलिस विभाग के अनुरूप प्रवर्तन चालकों के लिए भी वर्दी तय की जाएगी। हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 के स्थायी एवं अस्थायी निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब 1 करोड़ रुपए तक के कार्य मेलाधिकारी और 5 करोड़ रुपए तक के कार्य गढ़वाल मंडल के आयुक्त स्तर से स्वीकृत होंगे। इससे अधिक लागत वाले कार्यों के लिए पूर्व की तरह शासन से मंजूरी आवश्यक होगी। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी देते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पदेन सदस्य बनाया गया है। साथ ही एसिड अटैक पीड़ितों को भी निःशुल्क विधिक सेवाओं के दायरे में शामिल किया गया है। औद्योगिक विकास विभाग के अंतर्गत उपखनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए रॉयल्टी दर 7 से बढ़ाकर 8 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। वहीं, आबकारी नीति के अनुरूप 6 प्रतिशत वैट दर संशोधन को भी मंजूरी मिली।

कैबिनेट ने परिवहन विभाग को 250 बसें खरीदने की अनुमति दीं। वहीं, परिवहन विभाग को पूर्व में शासन द्वारा 100 बस खरीदने की अनुमति दी गई थी। वर्तमान समय में जीएसटी के रेट 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के चलते अब परिवहन विभाग को 100 की जगह 109 बस क्रय करने की अनुमति दी गई। उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन करते हुए वन दरोगा के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है। साथ ही आयु सीमा 21 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष तय की गई है। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम 2025 के तहत अब कक्षा 1 से 8 तक संचालित संस्थानों की संबद्धता जिला स्तर पर दी जाएगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के संस्थानों को विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से संबद्धता अनिवार्य होगी। इसके लिए अध्यादेश लाने को भी मंजूरी दी गई।

एकल संवर्ग में प्रतीक्षा सूची के निस्तारण हेतु स्पष्ट एसओपी तैयार की जाएगी। विशेष शिक्षा शिक्षकों की भर्ती के लिए नई शैक्षिक योग्यताओं को मंजूरी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना को अनुदानित महाविद्यालयों तक विस्तारित किया गया। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली 2026 को लागू कर शिक्षकों के पदोन्नति मार्ग को स्पष्ट किया गया। लोक निर्माण विभाग में दिव्यांग श्रेणी के पदों के सृजन को स्वीकृति मिली। अधिप्राप्ति नियमावली के तहत 'डी' श्रेणी ठेकेदारों की निविदा सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ की गई। वन क्षेत्रों की सीमा पर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों की आय बढ़ाना, स्वरोजगार को प्रोत्साहन देना और मानव-हाथी संघर्ष को कम करना है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Royal Bulletin