लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक $1 ट्रिलियन की इकोनॉमी बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ी योजना तैयार की है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में अब दो-दो 'मुख्यमंत्री फेलो' की नियुक्ति की जाएगी।
इस पहल से न केवल 150 उच्च शिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार मिलेगा, बल्कि जिला स्तर पर आर्थिक नियोजन को भी वैज्ञानिक आधार मिलेगा।
हर जिले में विशेषज्ञों की 'डबल इंजन' तैनाती
राज्य सरकार की इस योजना के तहत प्रत्येक जिले में दो अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों को तैनात किया जाएगा। आर्थिक विकास विशेषज्ञों का मुख्य काम स्थानीय संसाधनों और निवेश की संभावनाओं को तलाशना होगा। जबकि डेटा विश्लेषक सांख्यिकीय आंकड़ों के जरिए प्रगति का विश्लेषण करेंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि वन ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए केवल राज्य स्तर पर ही नहीं, बल्कि जिला स्तर पर भी माइक्रो-प्लानिंग अनिवार्य है।
साक्ष्य-आधारित विश्लेषण से बढ़ेगी रफ्तार
ये फेलो पारंपरिक सरकारी कामकाज से इतर Data-Driven (आंकड़ा आधारित) दृष्टिकोण अपनाएंगे। इनकी मुख्य भूमिकाओं में शामिल हैं। इसमें स्थानीय निवेश और आर्थिक गतिविधियों का साक्ष्य-आधारित विश्लेषण और जिले के लिए विशिष्ट विकास रणनीतियां तैयार करना है। हर महीने आर्थिक प्रगति की रिपोर्ट ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपडेट करना होगा और जिला 'वन ट्रिलियन डॉलर' सेल के साथ समन्वय स्थापित करना जरुरी किया जा रहा है।
किसे मिलेगा मौका? (अनिवार्य योग्यता)
सरकार ने इस योजना के लिए उच्च शैक्षणिक मानकों को तय किया है। चयन में तकनीकी दक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें आर्थिक विकास विशेषज्ञ के लिए अर्थशास्त्र, एप्लाइड इकोनॉमिक्स, इकोनोमेट्रिक्स, फाइनेंस या डेटा साइंस में पीजी (Post-Graduation) अथवा एमबीए (MBA) अनिवार्य है। जबकि डेटा विश्लेषक के लिए सांख्यिकी, बिजनेस एनालिटिक्स या डेटा साइंस में परास्नातक या एमबीए की डिग्री आवश्यक होगी।
कैबिनेट की मुहर का इंतजार
इस योजना का खाका तैयार कर लिया गया है और जल्द ही इसे अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इन विशेषज्ञों की तैनाती से जिलों के बीच आर्थिक विकास की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, जिससे पूरे प्रदेश की विकास दर में उछाल आएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने एक उच्च स्तरीय बैठक में इसी माह एक निर्देश दिया था कि जिला ओटीडी (वन ट्रिलियन डॉलर) सेल की आर्थिक और डेटा विश्लेषण क्षमता को मजबूत किया जाए। इसके तहत हर जिले में दो विशेषज्ञ-एक आर्थिक विकास विशेषज्ञ और एक डेटा विश्लेषक को 'ओटीडी मुख्यमंत्री फेलो' के रूप में नियुक्त किया जाएगा।

