संजय ने सीमा से कहा कि अगर वह उसे हर महीने कुछ पैसे नहीं देगी, तो वह उसे घर से निकाल देगा। सीमा के पास कोई कमाई नहीं थी, इसलिए वह डर गई और उसने कहा कि वह पैसे देगी। धीरे-धीरे संजय ने उस पर पैसे का दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। वह उसे हर महीने 10,000 रुपये देने को कहने लगा। सीमा ने अपनी बहन मीना को इस बारे में बताना चाहा, लेकिन संजय ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया, तो वह उसे बदनाम कर देगा और कहेगा कि उसने उसे बहकाया था।
सीमा ने अपना गुस्सा पी लिया और पैसे जुटाने की कोशिश करने लगी। वह अपने कुछ गहने बेचकर उसे पैसे देने लगी। लेकिन संजय को पैसे की लत लग गई थी। उसने सीमा से कहा, "अगर तुमने मुझे और पैसे नहीं दिए, तो मैं तुम्हारी बहन को बता दूँगा कि तुमने मुझे बहकाया था।" सीमा टूट गई।
एक दिन सीमा ने अपनी बहन मीना को सारी बात बता दी। मीना को बहुत गुस्सा आया, लेकिन उसने सोचा कि अगर वह संजय का सामना करेगी, तो वह सीमा को और परेशान कर सकता है। इसलिए उसने एक प्लान बनाया। उसने संजय को अकेले में बुलाकर कहा, "मुझे पता है कि तुम सीमा से पैसे मांगते हो। तुमने उसे ब्लैकमेल किया है। अगर तुमने ऐसा करना बंद नहीं किया, तो मैं तुम्हें तलाक दे दूंगी और तुम्हारी सभी गुप्त बातें पुलिस को बता दूंगी।"
संजय को डर लगा, लेकिन उसने मीना से कहा कि वह उसे सबूत दे। मीना ने उसे कुछ फर्जी सबूत दिखाए-जैसे कि वह संजय के दोस्तों के साथ बैठकर कुछ चीजें करता है, जो पूरी तरह नकली थीं। लेकिन संजय उसे सच मान बैठा। वह डर गया और उसने सीमा से फिर से पैसे नहीं मांगे। उसके बाद वह उससे दूर-दूर रहने लगा। सीमा को अपनी बहन पर बहुत गर्व हुआ और दोनों बहनों ने मिलकर संजय को उसकी औकात दिखा दी। आज संजय अपने घर में सबके सामने अपनी बात नहीं करता और सीमा अब पूरे घर में आज़ादी से रहती है।

