महाराष्ट्र के एक छोटे से कस्बे में रहता था अजय (32), जो एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर था। उसकी एक छोटी बहन थी-नीलिमा (24), जो कॉलेज में पढ़ती थी। अजय की पत्नी सरिता (30) थी, लेकिन उसका अपनी ननद से बिल्कुल भी मेल नहीं था।
नीलिमा अपने भाई के घर रहती थी क्योंकि उसके माता-पिता नहीं थे। अजय अपनी बहन पर बहुत प्यार करता था, लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी होती गई, उसका प्यार कुछ और में बदलने लगा।
नीलिमा बहुत सुंदर थी, और अजय उसे छूने, उसके करीब आने, उसकी तारीफ करने के बहाने ढूँढता। वह उसे अकेले में बुलाता, उसके साथ बातें करता, और कभी-कभी तो उसे अनुचित तरीके से छूता। नीलिमा को बहुत बुरा लगता, लेकिन वह अपने भाई को कुछ नहीं बोलती क्योंकि वह उससे बहुत डरती थी। उसे डर था कि अगर उसने किसी को बताया, तो वह उसे घर से निकाल देगा, या उसे बदनाम कर देगा।
एक दिन जब सरिता अपने मायके गई हुई थी, अजय ने नीलिमा को कमरे में बंद कर लिया और उससे कहा, "तुम मेरी हो, मैं तुम्हें किसी और को नहीं दूंगा।" नीलिमा रोने लगी और उसने भाई को धक्का देकर भागने की कोशिश की। लेकिन अजय ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे फिर से बंद कर दिया। नीलिमा ने चिल्लाना शुरू किया, तो अजय ने धमकी दी, "अगर तुमने आवाज़ लगाई, तो मैं तुम्हें इस घर से बाहर निकाल दूंगा और पूरे कस्बे में बता दूंगा कि तुमने मुझसे गलत बातें की थीं।"
नीलिमा डर गई। वह चुप हो गई और रोती रही। उस रात उसने फैसला किया कि अब वह चुप नहीं रहेगी। अगली सुबह उसने अपनी भाभी सरिता को सारी बात बताई। सरिता ने अजय से पूछा, लेकिन अजय ने सब कुछ नकार दिया और कहा कि नीलिमा झूठ बोल रही है क्योंकि उसे उससे जलन होती है। सरिता दुविधा में पड़ गई। वह अपनी ननद पर विश्वास करती थी, लेकिन अपने पति पर भी।
नीलिमा ने अपना बदला खुद लेने का फैसला किया। एक रात उसने अजय की चाय में एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी मिलाई, जो उसे नींद में डूबो देती थी-जानलेवा नहीं, लेकिन उसे बेहोश कर देती थी। जब अजय बेहोश हो गया, तो नीलिमा ने सरिता को बुलाया और कहा, "देखो, अब तुम्हें यकीन हो गया? वह बेहोश है। मैंने उसकी चाय में कुछ डाला है। यह सबक है उसके लिए।" सरिता सन्न रह गई। उसे समझ आ गया कि नीलिमा सच बोल रही थी।
अगली सुबह अजय उठा और उसे कुछ भी याद नहीं था। नीलिमा ने उसके सामने कहा, "मैंने तुम्हें सबक दिया है। अगर तुमने फिर मुझे परेशान करने की कोशिश की, तो अगली बार मैं तुम्हें ज़हर दे दूंगी।" अजय डर गया। उसने अपनी गलती मान ली और कभी नीलिमा की तरफ देखने की हिम्मत नहीं की। सरिता ने नीलिमा का साथ दिया और अजय को चेतावनी दी कि अगर उसने ऐसा किया, तो वह उसे तलाक दे देगी। आज नीलिमा कस्बे में खुशी-खुशी रहती है और अजय उससे दूर-दूर रहता है।

