बताया जा रहा है कि लड़की अपने घर के बाहर से ही एक ऑटो में बैठी थी। उसे लगा कि बाकी यात्राओं की तरह यह सफर भी सामान्य होगा। लेकिन ऑटो कुछ दूर चला तो उसकी नजर ड्राइवर के हाथ में मौजूद मोबाइल पर पड़ी।
ड्राइवर का ध्यान सड़क पर कम और मोबाइल की स्क्रीन पर ज्यादा था।
वह एक हाथ से ऑटो चला रहा था और दूसरे हाथ से लगातार मोबाइल पर रीलें देख रहा था। सड़क पर ट्रैफिक के बीच इस तरह गाड़ी चलाना देखकर लड़की घबरा गई।
सामने से आती गाड़ियों से कई बार टकराते-टकराते बचा
सफर के दौरान स्थिति तब और डरावनी हो गई जब ऑटो कई बार सामने चल रही गाड़ियों के बेहद करीब पहुंच गया।
लड़की को लगा कि अगर ड्राइवर ने समय पर ब्रेक नहीं लगाया तो बड़ा हादसा हो सकता है।
आखिरकार उसने हिम्मत करके ड्राइवर से कहा-
"भैया, फोन छोड़कर ठीक से गाड़ी चलाइए… हमें डर लग रहा है।"
लेकिन आरोप है कि ड्राइवर ने अपनी गलती मानने के बजाय उल्टा लड़की को ही जवाब दे दिया।
उसने कहा-
"मुझे ज्ञान मत सिखाओ, मैं पिछले पांच साल से ऑटो चला रहा हूं।"
ड्राइवर के इस जवाब से लड़की और ज्यादा परेशान हो गई।
अनुभव के नाम पर लापरवाही कितनी सही?
पांच साल से वाहन चलाने का अनुभव निश्चित रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन सड़क पर वाहन चलाते समय कुछ सेकंड के लिए भी ध्यान भटकना गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है।
खासकर जब ड्राइवर खुद मोबाइल पर वीडियो या रील देखने में व्यस्त हो, तब खतरा केवल उसके लिए नहीं बल्कि ऑटो में बैठे यात्रियों और सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों के लिए भी बढ़ जाता है।
लड़की के मुताबिक, ड्राइवर ने उसकी बात के बाद भी मोबाइल इस्तेमाल करना बंद नहीं किया और सफर के दौरान उसका ध्यान फोन पर बना रहा।
पीछे बैठी लड़की के लिए उस समय सबसे बड़ी चिंता यही थी कि कहीं अचानक कोई गाड़ी सामने न आ जाए या ऑटो किसी वाहन से टकरा न जाए।
ऐसी स्थिति में यात्री क्या कर सकता है?
अगर किसी यात्री को लगे कि ड्राइवर मोबाइल इस्तेमाल कर रहा है, नशे में है, बहुत तेज गाड़ी चला रहा है या जानबूझकर खतरनाक तरीके से वाहन चला रहा है, तो सबसे पहले अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
जहां सुरक्षित हो, वहां वाहन रुकवाकर उतरना, परिवार या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को अपनी लाइव लोकेशन बताना और जरूरत पड़ने पर पुलिस/आपातकालीन सहायता लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।
ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर रील देखना कोई मामूली गलती नहीं है। एक पल की लापरवाही किसी यात्री, पैदल राहगीर या दूसरे वाहन चालक की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या पांच साल का ड्राइविंग अनुभव सड़क पर मोबाइल देखने की इजाजत दे देता है?
आपके हिसाब से ऐसे ड्राइवर पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए या सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ देना चाहिए?

