एक औरत अपने आशिक के साथ मस्ती से पार्क में घूम रही थी। रोमांटिक मूड में दोनों बातें कर रहे थे कि तभी किसी ने उनके बीच आकर हंगामा कर दिया। आशिक को एक ज़ोरदार थप्पड़ पड़ा।
आशिक (घबराते हुए): "ये कौन है, यार?!"
औरत (गुस्से में): "अरे, ये तो मेरा पति है!"पति ने आव देखा ना ताव,
आशिक पर मुक्कों की बारिश शुरू कर दी।
पति: "साले! मेरी बीवी के साथ गुलछर्रे उड़ाएगा?"तभी औरत ने चिल्लाते हुए पति की तरफ इशारा किया,
औरत (तेवर में): "मारो साले को! खुद अपनी बीवी को घुमाने का टाइम नहीं मिलता और दूसरों की बीवी को लेकर मटरगश्ती करता है।"आशिक, जो पहले से सहमा हुआ था, ये सुनकर भड़क उठा। उसने तुरंत पलटवार किया और अब पति को पीटना शुरू कर दिया।
आशिक: "साले! ना खुद रोमांस करता है, ना दूसरों को करने देता है।"औरत दोनों की लड़ाई देख मजे ले रही थी।
औरत (शरारती अंदाज़ में): "मारो, मारो दोनों को! ये जिंदगी है या कुश्ती का मैदान?"सड़क पर लड़ाई जारी रही, और लोग तमाशा देखने में मग्न हो गए।
अंत में, दोनों घायल और हारकर, औरत की ओर देखने लगे।
औरत मुस्कुराई और बोली,
"अब तो मैं खुद ही घूमने जा रही हूं। तुम दोनों यहीं सुलझा लो!"

