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सर मेरा पर्स मेरे बैग में नहीं है उसमें मेरे तीन सौ रुपए और टिकट दोनों थे रुंधे गले से वह बोली थी उसका चेहरा फीका पड़ गया था

सर मेरा पर्स मेरे बैग में नहीं है उसमें मेरे तीन सौ रुपए और टिकट दोनों थे रुंधे गले से वह बोली थी उसका चेहरा फीका पड़ गया था

Sabkuch Gyan 1 week ago
मोहन की ट्रेन वक्त पर ना होकर लगभग चार घंटे लेट थी

ऐसे में दो घंटे का सफर तय कर के वापस घर जाकर वापस लौटकर आना बेकार वक्त और पैसों की फिजूलखर्ची होती इसलिए मोहन ने वहीं स्टेशन पर ही इधर उधर घूमते हुए वक्त बीताने का निर्णय लिया चहलकदमी करते हुए वह गेट के पास पहुंचा ही था कि उसका ध्यान एक महिला और टिकट चेकर की और चला गया टिकट चेकर बाहर निकलने वालों की टिकट चेक कर रहा था तभी एक महिला को उसने रोककर कहा ...टिकट प्लीज...

आसपास गुजरती हुई भीड़ से अलग होकर बड़ी सहजता से उस महिला ने अपना बैग खोला और इधर उधर खोजने लगी ...मेरा पर्स ...मेरा पर्स

सर मेरा पर्स मेरे बैग में नहीं है उसमें मेरे तीन सौ रुपए और टिकट दोनों थे रुंधे गले से वह बोली थी उसका चेहरा फीका पड़ गया था उसकी हालत देखकर मोहन को समझते देर नहीं लगी कि ट्रेन से उतरते वक्त किसी ने भीड़ का फायदा उठाकर उसका पर्स उड़ा लिया गया है वो महिला को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था की उसके साथ ऐसा कुछ हो गया उसके मन को तसल्ली नहीं हो रही थी उसकी उँगलियां बैग का कोना-कोना तलाश रही थी चेकर पर दृष्टि उठी तो पाया, एक अर्थपूर्ण मुस्कराहट वहां डटी हुई थी चेकर अगर किसी को बिना टिकट पकड़ ले तो आस-पास भी लोग एकत्र होने लगते हैं क्योंकि ऐसे में मुफ्त का तमाशा देखने को जो मिलता है ऐसा अक्सर बस स्टैंड पर भी होता है जब टिकट चेकर बस से उतरती सवारियों से टिकट मांगते हैं और उनके पास टिकट नहीं होता तो लोग अपने गंतव्य की बसों से ध्यान हटाकर उस घटना को देखने लगते हैं की अब क्या होगा

खैर ...उस महिला ने टिकट चेकर से कहा ... भाईसाहब लगता है, किसी ने ट्रेन में या ट्रेन से उतरते हुए मेरा पर्स उड़ा लिया है

हूह ....बिना टिकट सफर करने वाले अक्सर यही बातें दोहराते है मैं इस झाँसों में नहीं आने का सीधे-सीधे टिकट निकालए...

क्या मैं ऐसी लगती हूं देखिए भैया में आपसे कह रही हूं

देखिए... मैडम मुझे टिकट से मतलब है नही लिया है तो कोई बात नहीं जुर्माना भर दीजिए

आप समझ कयुं नहीं रहे जब मेरा पर्स ही कट गया है तो जुर्माना कहां से भरूंगी ...आप विश्वास कीजिए में सच कह रही हूं आप मेरा मेरा पता नोट कर लीजिए...आप चाहें तो मेरा मोबाइल फोन रख लीजिए में पैसे लौटाकर इसे वापस ले जाऊंगी छोटा सा कीपैड वाला मोबाइल जोकि उसने हाथ में पकड़ा हुआ था टिकट चेकर की और बढ़ाते हुए कहा

देखिए मैडम में आप जैसी लड़कियों के चोंचलों से मैं खूब वाकिफ हूं चार सौं रुपए की साड़ी लपेटे, माँग भरे, लोगों की जेबें काटती फिरती हैं.....हो सकता है ये मोबाइल फोन भी चोरी का हो तो

चोर शब्द सुनकर उस महिला का चेहरा तमतमा गया था मगर भीगे आंखों को पोंछते हुए बोली ... भाईसाहब प्लीज आप समझने की कोशिश कीजिए मुझे फैक्ट्री पहुंचना है आप चाहें तो साथ चलिए में आपको वहां पहुंचकर जुर्माना के साथ साथ आपका किराया भी दे दूंगी देखिए अगर मैं वक्त पर नहीं पहुंची तो मेरी अपसेंट लगा दी जाएगी और एक दिन के पैसों का नुक़सान हो जाएगा ये पैसे मेरे घरखर्च मेरे बच्चों के लिए बहुत मायने रखते हैं प्लीज मेरी स्थिति को समझने की कोशिश कीजिए वो दोनों हाथों को जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए बोली

देखिए मैडम....

कितना जुर्माना भरना है ... मोहन ने आगे बढ़कर पूछा

आप भरेंगे...चेकर ने कुंटीलता से मुस्कुराते हुए कहा

जी हां मैं भरुंगा... आपकों जुर्माने से मतलब है कि कौन भरने वाला उससे मतलब

ईएमयू गाडी है मतलब लोकल पैसेंजर.... ठीक है दौ सौ रुपए निकालिए

लीजिए रसीद काटिए मोहन ने पैसे टिकट चेकर की और बढ़ाते हुए कहा और जुर्माने के पैसे भरकर उसने रसीद उस महिला की और करते हुए कहा ...लीजिए, बहनजी ये पांचों अंगुलियों को एक बराबर समझते है

उस महिला ने दोनों हाथों को जोड़कर मोहन की और देखकर कहा भाईसाहब बहुत बहुत मेहरबानी ...

मेरी फैक्ट्री पास ही है थोड़ी देर का रास्ता है चलिए....मैं आपके रुपए भी...

अभी उसकी बात पूरी भी नहीं हो पाई थी छंटती हुई भीड़ में से किसी ने कहा ...अरे भैया पूरा दल चलता है इनका एक पकड़ा जाए तो दूसरा छुड़वा लेता है वह महिला उस बात को सुनकर रो पड़ी मैंने उससे कहा ...बहन कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना ...ऐसी छिटाकशी तमाशबीन बने लोगों का काम है आप जाइए आपको देरी हो रही है

आप अपना पता दे दीजिए में मनीआर्डर ...

जरुरत नहीं ...

मगर आपके पैसे

जब कभी किसी जरुरतमंद की मदद कर सकती हो तो कर दीजियेगा कहकर मोहन आगे बढ़ गया वहीं वो महिला अब भी भीगी हुई पलकों को साफ करते हुए उसे दुआएं दे रही थी...

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