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10 साल का संघर्ष और हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर! आबादी क्षेत्र में कचरा डंपिंग के खिलाफ डटे ग्रामीण

10 साल का संघर्ष और हाईकोर्ट का आदेश भी बेअसर! आबादी क्षेत्र में कचरा डंपिंग के खिलाफ डटे ग्रामीण

श्रीगंगानगर। स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच श्रीगंगानगर से एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जहां शहर को साफ करने की कवायद ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन गई है। जिला मुख्यालय के आबादी क्षेत्र में बिना किसी आवंटन और बिना किसी नियम के नगर परिषद द्वारा कचरा डंप किया जा रहा है।

आलम यह है कि कचरे की बदबू और जहरीले धुएं ने ग्रामीणों का सांस लेना दूभर कर दिया है, वहीं यह कचरा अब साथ लगते खेतों की उपजाऊ जमीन को भी बंजर बना रहा है। Sri Ganganagar News

आबादी क्षेत्र 6z में बिना किसी आवंटन के किए जा रहे कचरा संग्रहण के विरोध में पिछले 10 वर्षों से आंदोलन कर रहे ग्रामीणों की आवाज को आज पुलिसिया कार्रवाई के जरिए दबाने की कोशिश की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि माननीय हाईकोर्ट (Rajasthan High Court)के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद प्रशासन उनकी सुध लेने के बजाय उन्हें ही प्रताड़ित कर रहा है। ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को नेतेवाला में प्रस्तावित स्थल पर लगाने और शहर का कचरा 6 जैड में डंपिंग प्वाइंट पर नहीं डालने की मांग को लेकर 6 जैड के किसानों का धरना आज भी जारी रहा।

धरने से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के बाद प्रशासन ने 6 जैड में कचरा डलवाने का निर्णय लिया। मंगलवार को चार लोगों को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ने के बाद ग्रामीणों ने धरना अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने की घोषणा की थी। अब आसपास की कॉलोनियों से महिलाएं भी धरने में शामिल होने लगी हैं। महिलाओं ने कहा कि इलाके में लंबे समय से दुर्गंध और गंदगी की समस्या है। Sri Ganganagar News

हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि यह लड़ाई आज की नहीं है, बल्कि पिछले एक दशक से वे अपनी जमीन और सेहत बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस मामले में हाईकोर्ट द्वारा राहत भरे आदेश भी दिए जा चुके हैं, जिसमें आबादी क्षेत्र और कृषि भूमि के पास अवैध डंपिंग को लेकर सख्त निर्देश थे। इसके बावजूद, पुलिस और प्रशासन ने आज धरना स्थल पर मौजूद कुछ ग्रामीणों को जबरन उठा लिया, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।

बदबू और बीमारी के बीच रहने को मजबूर

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की मिलीभगत से यहाँ नियम विरुद्ध कचरा डाला जा रहा है। 10 साल बीत जाने के बाद भी कचरा निस्तारण के लिए अलॉटेड जगह का उपयोग नहीं करना और रिहायशी इलाके को 'डंपिंग यार्ड' बनाए रखना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

ग्रामीणों की चेतावनी: "संघर्ष जारी रहेगा"

याचिका लगाने वाले ग्रामीण राजकुमार सैनी ने कहा कि अदालत ने यह नहीं कहा कि नया कचरा चक 6 जेड में ही डाला जाए।उनका आरोप है कि प्रशासन मुकदमे दर्ज कर दबाव बना रहा है, जबकि प्रस्तावित स्थल पर काम शुरू होना चाहिए था। धरनार्थियों ने कहा कि वे किसी भी सूरत में नया कचरा डंपिंग प्वाइंट पर नहीं डालने देंगे और अगली सुनवाई में दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखेंगे

हाई कोर्ट से मांगेंगे अतिरिक्त समय

आयुक्त नगरपरिषद नयन गौतम ने कहा कि धरना-प्रदर्शन पर रोक नहीं है, लेकिन शहर के कचरे को एक साथ रोकना उचित नहीं है। यह राजकार्य में बाधा है 6 जेड में धरने से सफाई का काम सीधे प्रभावित हो रहा है। 1 अप्रैल को हाईकोर्ट में केस नहीं लगने पर अब 15 अप्रैल को हम अपना पक्ष रखकर अतिरिक्त समय मांगा जाएगा और आगे जो आदेश मिलेगा उसकी पालना की जाएगी। Sri Ganganagar News

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