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Cyber Crime: सावधान! कहीं आप ना फंस जाना! ट्रेडिंग खाते में पैसे आने के SMS से बन सकते हैं साइबर ठगी के शिकार

Cyber Crime: सावधान! कहीं आप ना फंस जाना! ट्रेडिंग खाते में पैसे आने के SMS से बन सकते हैं साइबर ठगी के शिकार

रसा (सच कहूँ न्यूज़)। साइबर ठग लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इन दिनों मोबाइल फोन पर शेयर ट्रेडिंग और ब्रोकिंग कंपनियों के नाम से फर्जी एसएमएस भेजे जा रहे हैं, जिनमें खाते में रकम जमा होने या ट्रेडिंग बैलेंस बढ़ने का दावा किया जाता है।

मैसेज के साथ एक संदिग्ध लिंक भी भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है।

हाल ही में कई लोगों को ऐसा ही एक मैसेज प्राप्त हुआ, जिसमें ट्रेडिंग खाते में हजारों रुपये जमा होने और कुल बैलेंस बढ़ने की जानकारी दी गई। मैसेज में एक शॉर्ट लिंक भी शामिल था, जिसे खोलकर पूरी जानकारी देखने का दावा किया गया।

उपकार कॉलोनी, सिरसा निवासी सर्वेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आज सुबह ही उनके पास एक ऐसा मैसेज आया जिसमें उनके ट्रेडिंग खाते में 14500 रुपये जमा दिखाए गए और कुल बैलेंस भी बढ़ा हुआ दिखाया गया। उन्होंने बताया कि उनका ऐसा कोई ट्रेडिंग अकाउंट नहीं है जिसमें पैसे पड़े हों। समय रहते उन्होंने समझदारी दिखाते हुए ये मैसेज किसी जानकार को दिखाया जिससे वो ठगी का शिकार होने से बच गए। जानकार ने बताया कि ये सिर्फ और सिर्फ ठगी करने का साइबर ठगों का तरीका है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संदेश 'स्मिशिंग (SMS Phishing)' का हिस्सा हो सकते हैं। ठग भरोसेमंद कंपनियों का नाम इस्तेमाल कर लोगों को लिंक पर क्लिक करवाते हैं। लिंक खुलने के बाद फर्जी वेबसाइट, नकली लॉगिन पेज या हानिकारक फाइल के जरिए बैंकिंग और व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश की जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति का उस कंपनी में ट्रेडिंग खाता ही नहीं है, फिर भी इस तरह का संदेश मिलता है, तो उसे तुरंत संदिग्ध मानना चाहिए। ऐसे मामलों में लिंक पर क्लिक करने, किसी भी प्रकार की जानकारी दर्ज करने या ओटीपी साझा करने से बचना चाहिए।

यदि संदेश वास्तविक प्रतीत हो, तब भी उसकी पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ग्राहक सेवा के माध्यम से ही करनी चाहिए। केवल एसएमएस में दिए गए लिंक के आधार पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई करना जोखिम भरा हो सकता है। साइबर अपराध विशेषज्ञ लोगों से अपील कर रहे हैं कि संदिग्ध संदेश मिलने पर उसे रिपोर्ट करें, ब्लॉक करें और अपने परिवार के अन्य सदस्यों, विशेषकर बुजुर्गों को भी ऐसे साइबर जाल से सतर्क रहने की सलाह दें।

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