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Rajasthan Police: पुलिस महानिदेशक ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड, भविष्य की रणनीति भी बताई

Rajasthan Police: पुलिस महानिदेशक ने पेश किया रिपोर्ट कार्ड, भविष्य की रणनीति भी बताई

Rajasthan Police Report Card: जयपुर। राजस्थान पुलिस ने वर्ष 2026 की पहली छमाही में अपराध नियंत्रण, आधुनिक पुलिसिंग और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं।

राज्य में हत्या, लूट, डकैती, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे गंभीर अपराधों में कमी आई है, जबकि संगठित अपराध, साइबर ठगी, नशा तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई को और अधिक तेज किया गया है। Rajasthan Police

राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बीते छह महीनों की कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि पुलिस की प्राथमिकता अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य की रणनीति अपराधों की रोकथाम, अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई और तकनीक आधारित स्मार्ट पुलिसिंग को मजबूत करने पर केंद्रित रहेगी।

अपराधों में दर्ज हुई उल्लेखनीय कमी

पुलिस के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत दर्ज कुल अपराधों में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में लगभग 4.65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं स्थानीय एवं विशेष अधिनियमों के अंतर्गत दर्ज मामलों में वृद्धि पुलिस की सक्रिय कार्रवाई और प्रभावी प्रवर्तन का संकेत मानी जा रही है। Rajasthan Police

हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, महिलाओं के विरुद्ध अपराध तथा पॉक्सो अधिनियम के मामलों में भी गिरावट दर्ज की गई है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में भी कमी देखने को मिली है, जिसे सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से सकारात्मक माना जा रहा है।

पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधों में चोरी और लूट के मामलों में बरामदगी की दर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। विशेष रूप से नकबजनी और चोरी के मामलों में चोरी गया सामान पहले की तुलना में अधिक मात्रा में बरामद किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक जांच तकनीकों और बेहतर समन्वय से यह सफलता मिली है।

नशा तस्करों और अवैध हथियारों पर सख्ती

राजस्थान पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया है। एनडीपीएस अधिनियम, आबकारी अधिनियम और आर्म्स एक्ट के तहत बड़ी संख्या में प्रकरण दर्ज कर कई तस्करों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही मादक पदार्थों के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर भी कार्रवाई कर आर्थिक रूप से अपराधियों को कमजोर करने की दिशा में कदम उठाए गए।

महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों की जांच अवधि में उल्लेखनीय कमी लाई है। इसके अलावा कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वाड, सुरक्षा सखी, वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर तथा महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र जैसी व्यवस्थाओं को और अधिक सक्रिय बनाया गया है, ताकि महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

साइबर अपराधों पर तकनीकी निगरानी

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर (आर-4-सी) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित 1930 कॉल सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। प्रदेश के सभी पुलिस जिलों में साइबर पुलिस थाने और प्रत्येक थाने में साइबर हेल्पडेस्क संचालित किए जा चुके हैं। Rajasthan Police

साइबर हेल्पलाइन की क्षमता बढ़ाने के साथ ऑनलाइन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। डिजिटल गिरफ्तारी जैसे नए साइबर अपराधों पर भी प्रभावी कार्रवाई करते हुए अनेक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी राशि को सुरक्षित कराया गया।

पुलिस ने साइबर शील्ड, ऑपरेशन एंटी वायरस, म्यूल हंटर और वज्र प्रहार जैसे विशेष अभियानों के माध्यम से साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया है। साथ ही सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से बड़ी संख्या में गुम हुए मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए हैं।

अपराधियों की आर्थिक शक्ति पर प्रहार

पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में संगठित अपराध, नशा तस्करी और साइबर अपराध से जुड़े गिरोहों के विरुद्ध केवल गिरफ्तारी तक सीमित कार्रवाई नहीं होगी, बल्कि उनकी अवैध संपत्तियों को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत जब्त और ध्वस्त किया जाएगा। इससे अपराधियों के आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलेगी।

राजस्थान पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल निगरानी और डेटा आधारित विश्लेषण को पुलिसिंग का अभिन्न हिस्सा बनाया जा रहा है। इससे अपराधों की रोकथाम, त्वरित जांच और आमजन को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए तकनीकी संसाधनों का विस्तार, समयबद्ध अनुसंधान और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की रणनीति आगे भी निरंतर जारी रहेगी। Rajasthan Police

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