श्रीगंगानगर (सच कहूँ न्यूज)। चाइल्ड हेल्पलाइन को 3 दिसंबर 2025 को रात्रि में ऋषिकेश इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन में बालक देवा लावारिस अवस्था में मिला था। हेल्पलाइन द्वारा बालक को संरक्षण में लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया, उसे आश्रय के लिए विवेक आश्रम बाल गृह भिजवाया गया था।
बाल कल्याण समिति एवं चाइल्ड हेल्पलाइन ने बालक की काउंसलिंग की तो बालक अपने व परिजनों की पूरी तरह से जानकारी नहीं दे पाया था केवल इतना ही बताया कि मैं झारखंड का रहने वाला हूँ। मैं मेरे बड़े भाई के साथ काम करने आया था और मैं भाई से बिछुड़ गया हूँ। Sri Ganganagar News
समिति अध्यक्ष जोगेंद्र कौशिक ने बताया कि बालक की लगातार काउंसलिंग के दौरान बालक के निवास का पता लगाया जा सका। बालक को समय-समय पर झारखंड इलाके के अलग-अलग क्षेत्र के वीडियो दिखाए गए, जिसमें उस बालक ने पाकुड़ झारखंड में स्थित ब्रिटिश काल का माटेलो (सिद्धू कान्हू पार्क)को पहचान लिया। चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक त्रिलोक वर्मा द्वारा बाल कल्याण समिति पाकुड़ से संपर्क किया गया व बालक की सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट भिजवा कर उसके परिजनों का पता लगाने के लिए संबंधित थाने की पुलिस से आग्रह किया गया।
पांच महीनों के प्रयास बालक के परिजनों का पता लग गया और आज बालक कि घर वापसी हुई है, बालक को बाल कल्याण समिति पाकुड़ के सुपुर्द करने के आदेश बाल कल्याण समिति श्रीगंगानगर ने दिए हैं। बालक की घर वापसी के समय बाल कल्याण समिति अध्यक्ष जोगेंद्र कौशिक, सदस्य डॉ. रामप्रकाश शर्मा, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक त्रिलोक वर्मा, रिजर्व पुलिस लाईन से सहायक उप निरीक्षक प्रहलाद मीणा, विवेक आश्रम की साध्वी रितुबाला उपस्थित थे। Sri Ganganagar News

