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समाचार जगतधर्म

किसी से इतना मोह भी ना रखे, की जीवन कष्ट दायी हो जाय

27 August 2017, 8:57 am

इंटरनेट डेस्क। भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है की मनुष्य को सांसारिक मोह- माया से दूर रहना चाहिए, लेकिन ऐसा क्यों? क्योकिं जब मनुष्य इस मोह- माया में फसता है तो उसका मन हमेशा विचलित रहता है। हम जिसे भी अपना मानने लगते हैं, उससे न चाहते भी लगाव या मोह हो जाता है। धीरे- धीरे वह इस हद तक जा पहुंचता है, जहां ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है कि हम न उसे छोडऩा चाहते हैं और न उसमें से छूटना चाहते हैं।


पिता परमेश्वर ने मनुष्य आत्मा को निर्वाकारी, सरल और संतुष्ट जीवन जीने के लिए उत्पन्न किया, किंतु मनुष्यों ने अपने चारों ओर मोह का ऐसा माया जाल निर्मित्त कर दिया, जिससे स्वयं सृष्टि के निर्माता 'परमपिता परमात्मा' को इस धरा पर अवतरित होकर उसकी आंखों पर बंधी मोह की काली पट्टी को खोलने का कार्य करना पड़ा।

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