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संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक का भारत दौरा, द्विपक्षीय बैठकों में होंगी शामिल

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक का भारत दौरा, द्विपक्षीय बैठकों में होंगी शामिल

ई द‍िल्‍ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत सरकार के निमंत्रण पर संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक सोमवार को भारत पहुंचेंगी, जहां वह अधिकारियों के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें करेंगी।

भारत की आधिकारिक यात्रा के कार्यक्रम के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेयरबॉक का सोमवार को रात 21:30 बजे दिल्ली आगमन होगा। वह टी-3, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर पहुंचेंगी।

एनालेना बेयरबॉक मंगलवार को सुबह 10:20 बजे राजघाट जाएंगी और पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। इसके बाद दोपहर 13:00 बजे वे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ हैदराबाद हाउस में बैठक करेंगी।

एनालेना बेयरबॉक शाम 15:30 बजे यूएन हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करेंगी। इसके बाद वे शाम 16:30 बजे इलेक्ट्रॉनिक्स निकेतन में (इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय) के साथ संवाद करेंगी। अंत में रात 22:50 बजे वे दिल्ली से प्रस्थान करेंगी।

फरवरी में नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने के लिए सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस की यात्रा के बाद यह भारत में यूएन की दूसरी उच्च-स्तरीय यात्रा है।

बेयरबॉक भारत से परिचित हैं। जर्मनी की विदेश मंत्री के तौर पर अपनी एक यात्रा के दौरान उन्होंने देश के साथ रिश्ते मजबूत करने के लिए नई दिल्ली मेट्रो में भी सफर किया था, लेकिन जनरल असेंबली की प्रेसिडेंट के तौर पर यह उनकी पहली यात्रा है।

2022 में मंत्री के तौर पर अपनी पहली यात्रा के दौरान उन्होंने कहा था, "इसमें कोई शक नहीं कि भारत 21वीं सदी की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगा, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी और उससे बाहर भी।"

उन्होंने कहा कि भारत ने 15 वर्षों में 40 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है, "इससे पता चलता है कि एक बहुलवादी समाज, आजादी और लोकतंत्र ही आर्थिक विकास, शांति और स्थिरता के वाहक हैं।"

उस यात्रा के दौरान उन्होंने कुशल लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते पर दस्तखत किए थे।

वह 2024 में भारत की यात्रा के दौरान चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ थीं। यह सातवीं जर्मन-भारतीय अंतर-सरकारी परामर्श बैठक थी, जिसका मूलमंत्र था "नवाचार, गतिशीलता और स्थिरता के साथ मिलकर आगे बढ़ना"।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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