Canada में हिंदू मंदिरों के बाहर प्रस्तावित प्रदर्शनों को लेकर विवाद गहरा गया है। खालिस्तानी समर्थक संगठन Sikhs for Justice (SFJ) द्वारा मंदिरों के बाहर विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है और सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
रिपोर्ट के अनुसार, SFJ ने 5 अप्रैल को ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर 'खालिस्तान जिंदाबाद' रैलियों की योजना बनाई है। इस कदम का विरोध करते हुए Hindu Canadian Foundation (HCF) ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर किसी समुदाय को निशाना बनाना गलत है और इसे असहिष्णुता के रूप में देखा जाना चाहिए।
संगठन ने कनाडाई प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि मंदिरों और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रदर्शनों से सामुदायिक तनाव बढ़ सकता है।
इसी मुद्दे पर Coalition of Hindus of North America (COHNA) ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठन ने अतीत में मंदिरों और श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह के विरोध धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक सौहार्द के लिए खतरा बन सकते हैं।
COHNA ने कहा कि मंदिरों में पूजा करने आने वाले लोगों को अक्सर विरोध और आक्रामक माहौल का सामना करना पड़ता है, जो उनकी धार्मिक स्वतंत्रता में बाधा डालता है। संगठन ने इसे लक्षित उत्पीड़न करार दिया और कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी समुदाय को परेशान करना स्वीकार्य नहीं है।
इस बीच, स्थानीय प्रशासन द्वारा कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय बढ़ाने की बात कही गई है। ब्रैम्पटन में मंदिर के आसपास सुरक्षा घेरा बनाने जैसे कदमों का स्वागत किया गया है। वहीं सरे में भी इसी तरह के सुरक्षा इंतजाम करने की मांग उठाई गई है, ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे और सभी समुदाय सुरक्षित महसूस कर सकें।

