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चुन्ना मियां मंदिर: बरेली की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

चुन्ना मियां मंदिर: बरेली की गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

रेली, (निर्भय सक्सेना)। नाथ नगरी के नाम से प्रसिद्ध बरेली अपनी धार्मिक सहिष्णुता, सांस्कृतिक विविधता और आपसी भाईचारे के लिए भी जानी जाती है। यही कारण है कि इस शहर को कौमी एकता के गुलदस्ते की संज्ञा दी जाती है।

यहां विभिन्न धर्मों के पूजा स्थल मौजूद हैं, जो सदियों से सामाजिक समरसता और पारस्परिक सम्मान की भावना को मजबूत करते रहे हैं।

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बरेली के कटरा मान राय स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर, जिसे आमजन चुन्ना मियां मंदिर के नाम से जानते हैं, सांप्रदायिक सौहार्द का एक अनूठा और प्रेरणादायी उदाहरण है। इस मंदिर का निर्माण प्रसिद्ध शेर बीड़ी व्यवसायी फ़ज़ल-उर-रहमान उर्फ चुन्ना मियां की प्रेरणा, भूमि दान और आर्थिक सहयोग से संभव हुआ था। गली नवाबान निवासी चुन्ना मियां ने मंदिर निर्माण के दौरान स्वयं कार सेवा कर सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया था। उनकी कार सेवा का चित्र आज भी मंदिर परिसर में सुरक्षित रूप से प्रदर्शित है।

लाल रंग की भव्य वास्तुकला वाले इस मंदिर का उद्घाटन भारत के प्रथम राष्ट्रपति Rajendra Prasad ने 16 मई 1960, सोमवार को किया था। इस अवसर की स्मृतियां आज भी कई लोगों के मन में ताजा हैं। लेखक को भी स्मरण है कि उनके पिता स्वर्गीय सुरेश चंद्र सक्सेना उन्हें गोद में लेकर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। बताया जाता है कि बरेली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने सिटी श्मशान भूमि में चंदन का एक पौधा भी लगाया था। बाद में वह पौधा चोरी हो गया, जिसके बाद वहां पुनः दूसरा चंदन का पौधा रोपा गया।

मंदिर परिसर में अनेक देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं स्थापित हैं। यहां वर्षभर सभी प्रमुख धार्मिक पर्व और उत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। समय-समय पर विभिन्न धर्माचार्यों की कथाएं और धार्मिक आयोजन भी आयोजित होते रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, चुन्ना मियां स्वयं भी मंदिर में आयोजित कथाओं में बैठकर श्रद्धापूर्वक श्रवण किया करते थे।

चुन्ना मियां मंदिर में विभिन्न अवसरों पर आकर्षक झांकियां भी सजाई जाती हैं, जो श्रद्धालुओं और दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनती हैं। यह मंदिर आज भी बरेली की गंगा-जमुनी संस्कृति, धार्मिक सौहार्द और मानवता की मिसाल के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Samar Saleel