नई दिल्ली, (समर सलिल)। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो चोरी और गुमशुदा मोबाइल फोन को नेपाल भेजकर अवैध कारोबार चला रहा था। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से कुल 40 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क पिछले कई वर्षों से सक्रिय था और अब तक हजारों मोबाइल फोन अवैध तरीके से नेपाल में बेचे जा चुके हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले दो महीनों से इस गिरोह पर निगरानी रखी जा रही थी। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर टीम ने सप्लायर और रिसीवर दोनों को ट्रैक कर लिया।
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ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने ईस्ट दिल्ली के क्राउन प्लाजा पार्किंग के पास जाल बिछाकर मोहम्मद शहनवाज उर्फ शानू को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 6 चोरी के मोबाइल मिले। वहीं, दूसरे आरोपी मोहम्मद रिजवान को गाजीपुर से नेपाल बॉर्डर जाने वाली बस में पकड़ लिया गया। उसके पास लाल ट्रॉली बैग में 34 मोबाइल फोन बरामद हुए। जांच में यह भी पता चला कि बरामद 40 मोबाइल में से 6 फोन चोरी के मामलों से जुड़े हैं, जबकि बाकी 34 मोबाइल गुमशुदगी की रिपोर्ट में दर्ज थे। आरोपी दिल्ली में सस्ते दामों पर मोबाइल खरीदकर उन्हें नेपाल में ऊंचे दामों पर बेचते थे। हर फोन पर उन्हें लगभग 3 से 4 हजार रुपये का मुनाफा होता था।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी रिजवान ने पूछताछ में बताया कि वह पिछले 10 साल से इस धंधे में सक्रिय है और अब तक हजारों मोबाइल नेपाल में बेच चुका है, जहां उसने अपना नेटवर्क और कारोबार भी खड़ा कर लिया था। दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। शहनवाज पहले से चोरी और आर्म्स एक्ट के कई मामलों में शामिल रहा है, जबकि रिजवान पर उत्तर प्रदेश में चोरी और मारपीट के केस दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और नेपाल कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है।

