उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य का सबसे लंबा और बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे अब चालू हो चुका है और शुरुआती 15 दिनों तक इस पर सफर पूरी तरह मुफ्त रहेगा। यानी वाहन चालकों को फिलहाल टोल टैक्स नहीं देना होगा।
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इस सुविधा का ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मजदूर दिवस के मौके पर किया। इससे पहले 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था।
कब से लगेगा टोल?
अधिकारियों के अनुसार, 15 दिन की इस राहत के बाद टोल वसूली शुरू कर दी जाएगी। यह वसूली पूरी तरह FASTag सिस्टम के जरिए होगी, जिससे बिना रुके टोल कटेगा और ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी।
हाईटेक और हाई-स्पीड सफर
- डिजाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा
- मेरठ से प्रयागराज का सफर: करीब 5-6 घंटे
- AI आधारित कैमरों से निगरानी
- क्लोज्ड टोल सिस्टम, बिना रुकावट यात्रा
प्रस्तावित टोल दरें (प्रति किमी)
- दोपहिया/तिपहिया/ट्रैक्टर: ₹1.28
- कार/जीप/वैन: ₹2.55
- हल्के कमर्शियल वाहन: ₹4.05
- बस/ट्रक: ₹8.20
- भारी वाहन (3-6 एक्सल): ₹12.60
- 7+ एक्सल वाहन: ₹16.10
अनुमान के अनुसार, मेरठ से प्रयागराज तक कार से यात्रा करने पर करीब ₹1,500 के आसपास टोल लग सकता है।
कनेक्टिविटी और सुविधाएं
यह एक्सप्रेसवे कई प्रमुख जिलों को जोड़ता है और इसमें मुख्य टोल प्लाजा के साथ कई रैंप एंट्री-एग्जिट पॉइंट भी बनाए गए हैं। यात्रियों के लिए इमरजेंसी सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और इंटरचेंज के पास जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
फिलहाल, यह 15 दिन का टोल-फ्री सफर लोगों के लिए इस आधुनिक एक्सप्रेसवे का अनुभव लेने का शानदार मौका है। इसके बाद यात्रा तो तेज ही रहेगी, लेकिन इसके लिए भुगतान करना होगा।

