जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, लोग लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए आयुर्वेदिक और पारंपरिक उपायों का सहारा ले रहे हैं। इन्हीं में से एक है गोंद कतीरा, जिसे शरीर को ठंडक देने और गर्मी से राहत दिलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
हालांकि, यह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित या फायदेमंद नहीं माना जाता।
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किन लोगों को गोंद कतीरा से सावधान रहना चाहिए?
1. पीरियड्स के दौरान महिलाएं:
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान अधिक दर्द या ऐंठन होती है, उन्हें गोंद कतीरा से परहेज करना चाहिए। इसकी ठंडी तासीर शरीर के तापमान को और कम कर सकती है, जिससे पेट दर्द और क्रैम्प्स की समस्या बढ़ सकती है।
2. लो ब्लड प्रेशर के मरीज:
जिन लोगों का ब्लड प्रेशर सामान्य से कम रहता है, उन्हें इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए। गोंद कतीरा की ठंडी प्रकृति के कारण कुछ लोगों को कमजोरी, चक्कर या अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है।
3. IBS और ब्लोटिंग से परेशान लोग:
हालांकि इसे कब्ज में राहत देने के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन जिन लोगों को इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) या बार-बार पेट फूलने की समस्या होती है, उनके लिए यह कभी-कभी गैस, भारीपन और पाचन असहजता बढ़ा सकता है।
गोंद कतीरा का सही उपयोग
विशेषज्ञों के अनुसार, गोंद कतीरा का सेवन हमेशा सही तरीके से करना चाहिए। इसे कभी भी सूखा नहीं खाना चाहिए, बल्कि इसे 7-8 घंटे पानी में भिगोकर जेली जैसा बनने तक रखना चाहिए।
इसके साथ पर्याप्त पानी पीना जरूरी होता है, क्योंकि यह फाइबर को सोखता है और पानी की कमी होने पर कब्ज की समस्या पैदा कर सकता है। आमतौर पर दिन में 1 से 2 चम्मच भीगा हुआ गोंद कतीरा पर्याप्त माना जाता है।

