लद्दाख से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रस्तावित कारगिल-लेह पदयात्रा को कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया है। मंगलवार, 1 सितंबर को हुई बैठक के बाद KDA ने कहा कि वह लद्दाख के लोगों के संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाता रहेगा।
यह पदयात्रा सोशलिस्ट पार्टी के साथ कई नागरिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से आयोजित की जा रही है। इसमें लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा, संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण और 24 सितंबर की घटना के पीड़ितों के लिए न्याय जैसी मांगें प्रमुख हैं।
KDA की बैठक में कई प्रमुख लोग हुए शामिल
कारगिल में KDA और संबंधित पक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें KDA के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई और सज्जाद कारगिली के अलावा संगठन के अन्य सदस्य तथा विभिन्न पक्षों के प्रतिनिधि शामिल हुए। लद्दाख के सांसद हाजी हनीफा जान ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में KDA ने 10 सितंबर से 24 सितंबर तक प्रस्तावित पदयात्रा को अपना समर्थन देने की घोषणा की।
'शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा संघर्ष'
KDA के सह-अध्यक्ष असगर अली करबलाई ने कहा कि संगठन लद्दाख के लोगों के लोकतांत्रिक, संवैधानिक और जायज अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन कारगिल और लेह के लोगों की मांगों पर गंभीरता से ध्यान नहीं देते, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा।
10 सितंबर को कारगिल से शुरू होगी यात्रा
घोषित कार्यक्रम के मुताबिक पदयात्रा 10 सितंबर को कारगिल से शुरू होकर हानिसकोट तक जाएगी। इस हिस्से के समन्वय की जिम्मेदारी KDA के पास होगी। इसके बाद हानिसकोट से लेह तक की यात्रा का समन्वय लेह एपेक्स बॉडी (LAB) करेगी।
KDA के सह-अध्यक्ष और पदयात्रा के संयोजक सज्जाद कारगिली यात्रा के दौरान मीडिया को नियमित जानकारी देंगे। सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडे के साथ उनके पदयात्रा का नेतृत्व करने की बात भी कही गई है।
यात्रा का समापन 24 सितंबर को लेह में कैंडललाइट विजिल के साथ प्रस्तावित है।
24 सितंबर की घटना के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग
पदयात्रा के आयोजकों के मुताबिक, 24 सितंबर को लेह में हुए विरोध प्रदर्शन की घटना को याद करते हुए यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उनके अनुसार, उस घटना में चार युवाओं की मौत हुई थी, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल और हिरासत में लिए गए थे।
पदयात्रा के जरिए पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति एकजुटता जताने के साथ न्याय और जवाबदेही की मांग भी उठाई जाएगी। आयोजकों का कहना है कि लद्दाख से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए।
'किसी पार्टी या व्यक्ति के खिलाफ नहीं'
KDA ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित पदयात्रा का उद्देश्य किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ अभियान चलाना नहीं है। संगठन के मुताबिक, यह लद्दाख के लोगों की लोकतांत्रिक और संवैधानिक मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सामने रखने का प्रयास है।
पदयात्रा में देश के अलग-अलग हिस्सों से सांसदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडे के भी यात्रा में शामिल होने की उम्मीद है।
बैठक में मौजूद लोगों ने पदयात्रा को सफल बनाने के लिए सहयोग देने की बात दोहराई। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि लद्दाख से जुड़े मुद्दों का समाधान संवाद, लोकतांत्रिक भागीदारी और शांतिपूर्ण जनसहभागिता के माध्यम से निकाला जाना चाहिए।

