नई दिल्ली, (समर सलिल)। देश में डॉक्टरों की कमी लंबे समय से चिंता का विषय रही है। हर साल लाखों छात्र नीट परीक्षा पास करते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण बड़ी संख्या में छात्रों को मेडिकल की पढ़ाई का मौका नहीं मिल पाता।
अब इस स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई व्यवस्था के तहत मेडिकल शिक्षा से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे देशभर में MBBS सीटों की संख्या बढ़ाना आसान हो जाएगा। इन संशोधनों का मुख्य उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों के विस्तार को सरल बनाना और नई संस्थाओं की स्थापना को बढ़ावा देना है।
राहुल रॉय के साथ वायरल रील में दिखीं डॉक्टर वनिता कौन हैं? जानिए सोशल मीडिया सेंसेशन की पूरी कहानी
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब किसी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीटों की अधिकतम सीमा तय नहीं रहेगी। पहले यह सीमा 150 सीटों तक सीमित थी, भले ही कॉलेज के पास बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, अस्पताल और स्टाफ मौजूद हो। अब यह प्रतिबंध हटा दिया गया है, जिससे योग्य संस्थान अपनी क्षमता के अनुसार सीटें बढ़ा सकेंगे।
इसके अलावा, पहले एक नियम के तहत 10 लाख की आबादी पर अधिकतम 100 MBBS सीटों की अनुमति थी। इस शर्त को भी समाप्त कर दिया गया है। इसका फायदा यह होगा कि अब सीटों की संख्या किसी क्षेत्र की आबादी पर निर्भर नहीं रहेगी और उन इलाकों में भी मेडिकल कॉलेजों का विस्तार संभव होगा, जहां पहले यह संभव नहीं था।
ANUBHA: कलाकार की कल्पना और यथार्थ के बीच की अनकही कहानी
अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के बीच दूरी को लेकर भी नियमों में बदलाव किया गया है। पहले दोनों के बीच यात्रा का समय 30 मिनट से अधिक नहीं होना चाहिए था, जिससे कई संस्थानों को कठिनाई होती थी। अब इस समय-सीमा की जगह दूरी तय कर दी गई है। नए नियमों के अनुसार, कॉलेज और उससे जुड़े अस्पताल के बीच अधिकतम 10 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए, जबकि पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए यह सीमा 15 किलोमीटर रखी गई है।
इन बदलावों का सबसे बड़ा लाभ छात्रों को मिलेगा। अब अधिक सीटें उपलब्ध होने से ज्यादा छात्रों को देश में ही मेडिकल शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें विदेश जाने या अन्य कोर्स चुनने की मजबूरी कम होगी। कुल मिलाकर, ये नए नियम मेडिकल शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम माने जा रहे हैं। इससे न केवल मेडिकल कॉलेजों का विकास होगा, बल्कि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।

