मुजफ्फरनगर में मंगलवार दोपहर बाद हुई तेज बारिश ने भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया।
हालांकि, कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। SIR और PRC को लेकर ओवैसी का तेलंगाना सरकार पर दबाव, BRS से पूछा- 10 साल सत्ता में रहकर क्या किया?
कई क्षेत्रों में भरा पानी
बारिश का सबसे अधिक असर जानसठ तहसील क्षेत्र में देखने को मिला। बेहड़ा अस्सा गांव की कई गलियों और सड़कों पर पानी भर गया। झारेड़ा मोहल्ले स्थित रविदास मंदिर के बाहर सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि वह तालाब जैसी दिखाई देने लगी। जलभराव के बीच बच्चों ने सड़क पर भरे पानी में खेलकर बारिश का आनंद लिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
हवा की गुणवत्ता में सुधार
बारिश का सकारात्मक असर पर्यावरण पर भी देखने को मिला। वर्षा के बाद वातावरण में धूल और प्रदूषण के कण कम होने से जिले की वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में भी उल्लेखनीय गिरावट आई, जिससे लोगों को अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा मिली।
उमस बनी रही
मौसम विभाग के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि हवा की रफ्तार कम रहने के कारण बारिश के बाद भी लोगों को उमस का एहसास होता रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो तापमान में और कमी आ सकती है।
जलभराव से बढ़ीं दिक्कतें
शहर के कई निचले इलाकों और बाजारों में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। कई दोपहिया वाहन जलभराव के कारण बंद हो गए, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग की।
किसानों के लिए राहत
दूसरी ओर, ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने इस बारिश को खरीफ फसलों के लिए लाभदायक बताया। उनका मानना है कि समय पर हुई वर्षा से खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों की वृद्धि में मदद मिलेगी, जिससे आने वाले दिनों में कृषि कार्यों को गति मिलेगी।

