लखनऊ, (समर सलिल)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
इस अवसर पर उन्होंने नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प को आगे बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण भागीदार हैं।
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उन्होंने स्पष्ट कहा कि आत्म-अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा ही सफल पुलिस सेवा की सबसे बड़ी पहचान है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान रील बनाना अनुशासनहीनता है और ऐसा कोई कार्य नहीं होना चाहिए जिससे पुलिस विभाग की गरिमा प्रभावित हो।
यूपी पुलिस बनी मॉडल पुलिसिंग का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जनसेवा, तकनीकी आधुनिकीकरण और पारदर्शिता के आधार पर देश में नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अब यूपी पुलिस पर पहले जैसी उंगली नहीं उठती और यह बदलाव सुशासन एवं प्रभावी पुलिसिंग का परिणाम है।
2017 से पहले और आज के यूपी का अंतर बताया
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों से कहा कि वे अपने अभिभावकों और गुरुजनों से 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था के बारे में पूछें। उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश में आए दिन दंगे और लंबे समय तक कर्फ्यू जैसी स्थितियां बनती थीं, जबकि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कहीं कर्फ्यू लगाने की नौबत नहीं आई।
पुलिस सुधार और आधुनिक सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने वर्षों से लंबित पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को सात जनपदों में लागू किया। साथ ही पुलिस आवास, प्रशिक्षण केंद्र, फॉरेंसिक लैब, साइबर थाने और मोबाइल फॉरेंसिक वैन जैसी आधुनिक सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले केवल चार फॉरेंसिक लैब थीं, जो अब बढ़कर 12 हो चुकी हैं। सभी 75 जिलों में साइबर थाने और साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जिससे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।
सवा दो लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की पारदर्शी भर्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के पिछले नौ वर्षों में सवा दो लाख से अधिक पुलिस कार्मिकों की पारदर्शी भर्ती की है। प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाकर एक साथ बड़ी संख्या में भर्ती और प्रशिक्षण की व्यवस्था भी विकसित की गई।
सुरक्षा से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी है। प्रदेश में बड़े उद्योगों और एमएसएमई इकाइयों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे युवाओं को राज्य में ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
ईमानदारी और कार्य संस्कृति पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों से कहा कि उनकी भर्ती पूरी तरह मेरिट के आधार पर हुई है। इसलिए अब शासन की उनसे केवल ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपेक्षा है। उन्होंने कार्यों में अनावश्यक लंबित रखने और टालमटोल की प्रवृत्ति से बचने की भी सलाह दी। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

