Uttar Pradesh के Sambhal समेत कई जिलों से मिल रही शिकायतों के बाद माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री Gulab Devi ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने शिक्षा विभाग के निदेशक को निर्देश दिए हैं कि अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की किताबें खरीदने का दबाव बनाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा, Iran डटा-लगातार हमलों के बीच भी जवाबी कार्रवाई तेज
मंत्री ने साफ कहा कि स्कूलों में केवल NCERT की किताबें ही पढ़ाई और बेची जानी चाहिए। यदि कोई स्कूल या संबंधित व्यक्ति अभिभावकों को महंगी निजी किताबें खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि भले ही अभी तक उनके पास औपचारिक शिकायत नहीं पहुंची है, लेकिन लगातार मिल रही सूचनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। किसी भी तरह की अनियमितता सामने आने पर तुरंत जांच कर दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी।
Gulab Devi ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि NCERT की किताबों के नाम पर अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं या उनकी जगह अन्य किताबें बेची जा रही हैं, तो यह गंभीर अपराध माना जाएगा।
उन्होंने शिक्षा विभाग के निदेशक से फोन पर बात कर तत्काल अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से भी आश्वासन दिया गया है कि इस मामले में सख्ती बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार ने दोहराया है कि शिक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय है।

