अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े हालिया विवाद के बीच विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि ट्रस्ट की बैठक में सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। संगठन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
VHP के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बताया कि वह बैठक में मौजूद नहीं थे, लेकिन बैठक में शामिल सदस्यों से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने कहा कि नियमित नियुक्ति होने तक श्री कृष्णमोहन को कार्यवाहक जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही, स्थायी नियुक्ति के लिए एक सर्च कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया गया है।
दान और चढ़ावे को लेकर क्या कहा?
राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े आरोपों पर VHP ने कहा कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड के अनुसार सभी वस्तुओं का पूरा हिसाब मौजूद है। संगठन का दावा है कि दान में प्राप्त चांदी की वस्तुओं को निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत पिघलाकर सरकारी मिंट में सुरक्षित रखा गया है और इसका पूरा रिकॉर्ड भी उपलब्ध है।
जांच के लिए उठाए गए कदम
VHP के अनुसार, जैसे ही मामला ट्रस्ट के संज्ञान में आया, विशेष जांच दल (SIT) के गठन का निर्णय लिया गया। संगठन का कहना है कि जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे नैतिक आधार पर स्वीकार किए गए। VHP ने लोगों से अपील की कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़े कोई तथ्य या प्रमाण हों तो उन्हें जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करें।
आरोपों पर VHP की प्रतिक्रिया
चंपत राय पर लगाए गए आरोपों को VHP ने निराधार बताया। संगठन का कहना है कि उनके परिवार और संपत्ति को लेकर फैलाए जा रहे कई दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। वहीं, महिपाल सिंह को लेकर लगाए गए आरोपों पर भी VHP ने स्पष्ट किया कि वह कभी लेखा प्रभारी के पद पर नहीं रहे।
मीडिया से संयम बरतने की अपील
सुरेंद्र जैन ने मीडिया से अपील की कि जांच पूरी होने से पहले किसी प्रकार का मीडिया ट्रायल न किया जाए। उनका कहना है कि राम मंदिर को प्राप्त चंदे का नियमित ऑडिट कराया जाता है और अब तक ऑडिट में किसी प्रकार की अनियमितता सामने नहीं आई है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या किसी स्तर पर किसी प्रकार की अनियमितता हुई है।

