गोरखपुर में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार को स्कूली विद्यार्थियों के बीच खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। द पिलर्स पब्लिक स्कूल की सिविल लाइन्स और सिक्टौर शाखाओं में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग खेल गतिविधियों में उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, टीमवर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना रहा। प्रतियोगिताओं के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह देखने लायक रहा।
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कबड्डी मुकाबले में दिखा जबरदस्त संघर्ष
सिविल लाइन्स और सिक्टौर शाखा के बाल खिलाड़ियों के बीच कबड्डी का मुकाबला काफी रोमांचक रहा। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया और एक-दूसरे पर बढ़त बनाने की लगातार कोशिश की।
रेड के दौरान खिलाड़ियों की फुर्ती और रणनीति ने दर्शकों का ध्यान खींचा, वहीं डिफेंस में भी खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल दिखाया। एक-एक अंक के लिए खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
मुकाबले के दौरान मैदान पर प्रतिस्पर्धा भले ही तीखी रही, लेकिन खिलाड़ियों ने खेल भावना का भी परिचय दिया। मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने अनुशासन बनाए रखा और विरोधी खिलाड़ियों के प्रति सम्मान दिखाया।
छात्राओं ने रस्साकशी में दिखाया दमखम
सिविल लाइन्स शाखा में छात्राओं के बीच अंतर-सदनीय रस्साकशी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। अलग-अलग हाउस की टीमों ने प्रतियोगिता में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
रस्साकशी के प्रत्येक राउंड में प्रतिभागियों ने अपनी ताकत के साथ टीमवर्क और तालमेल का शानदार प्रदर्शन किया। मुकाबला शुरू होते ही छात्राओं ने पूरी ऊर्जा के साथ रस्सी खींची और जीत के लिए अंतिम क्षण तक प्रयास जारी रखा।
दर्शक दीर्घा में मौजूद विद्यार्थियों ने तालियों और उत्साहवर्धन के जरिए खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। प्रतियोगिता के दौरान पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
खेलों से बच्चों में बढ़ता है आत्मविश्वास
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक आर. पी. शाही ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक क्षमता विकसित करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व जैसे गुण भी मजबूत होते हैं।
विद्यालय की मेंटर डॉ. कीर्ति शाही ने कहा कि नियमित खेल गतिविधियां विद्यार्थियों को सहयोग की भावना के साथ काम करना, कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखना और अपने व्यवहार पर नियंत्रण रखना सिखाती हैं। इससे बच्चों के व्यक्तित्व का संतुलित विकास होता है।
सहायक निदेशक ईशान राणा ने कहा कि सकारात्मक और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बच्चों को अपनी क्षमता पहचानने का अवसर देती है। खेलों के जरिए विद्यार्थी अपनी कमियों पर काम करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा लेते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इन प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेलों के महत्व को समझने और अपनी प्रतिभा को मैदान पर प्रदर्शित करने का अवसर दिया।

