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Superfoods का मिथक! महंगे विदेशी फूड्स नहीं, ये देसी चीजें हैं असली हेल्थ बूस्टर

Superfoods का मिथक! महंगे विदेशी फूड्स नहीं, ये देसी चीजें हैं असली हेल्थ बूस्टर

ज के समय में हेल्दी डाइट का मतलब अक्सर एवोकाडो, ब्लूबेरीज, क्विनोआ और ड्रैगन फ्रूट जैसे महंगे "सुपरफूड्स" से जोड़ दिया जाता है। लेकिन क्या सच में अच्छी सेहत के लिए सिर्फ विदेशी और महंगे फूड्स ही जरूरी हैं?

एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसा बिल्कुल नहीं है।

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सच्चाई यह है कि भारतीय किचन में मौजूद कई सस्ते और आसानी से मिलने वाले देसी फूड्स भी उतने ही पौष्टिक, बल्कि कई मामलों में उनसे बेहतर विकल्प साबित हो सकते हैं।

एवोकाडो को जहां हेल्दी फैट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है, वहीं नारियल भी प्राकृतिक हेल्दी फैट्स और जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है और आसानी से उपलब्ध है।

विटामिन C के लिए अक्सर कीवी को चुना जाता है, लेकिन भारतीय आंवला इस पोषक तत्व का बेहद समृद्ध और किफायती स्रोत है, जो इम्युनिटी बढ़ाने में भी मदद करता है।

इसी तरह ड्रैगन फ्रूट की जगह पपीता एक बेहतरीन विकल्प है, जिसमें फाइबर, विटामिन C और पाचन सुधारने वाले एंजाइम पाए जाते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट्स के लिए ब्लूबेरीज को सुपरफूड माना जाता है, लेकिन भारतीय जामुन भी उतने ही गुणकारी हैं और काफी सस्ते में उपलब्ध होते हैं।

ब्रोकली को हेल्दी सब्जियों में गिना जाता है, लेकिन पत्तागोभी भी फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर एक किफायती विकल्प है, जिसे रोजमर्रा के खाने में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

प्रोटीन और फाइबर के लिए क्विनोआ को आधुनिक सुपरफूड माना जाता है, लेकिन भारतीय ज्वार एक पारंपरिक अनाज है जो पोषण के साथ-साथ बजट के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद है।

कुल मिलाकर विशेषज्ञों का मानना है कि हेल्दी रहने के लिए महंगे विदेशी सुपरफूड्स पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। संतुलित आहार और स्थानीय, मौसमी देसी फूड्स भी उतने ही प्रभावी और बेहतर स्वास्थ्य विकल्प साबित हो सकते हैं।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Samar Saleel