उन्नाव में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने को लेकर जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को विकास भवन सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी योजनाओं और सेवाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि डॉक्टर निर्धारित समय पर अस्पताल पहुंचें और ओपीडी के तय समय तक मौजूद रहकर मरीजों की जांच व उपचार करें। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी गई।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, संचारी रोग नियंत्रण और जननी सुरक्षा योजना समेत कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की समीक्षा हुई।
डीएम ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान समय रहते करने के निर्देश दिए। ऐसी महिलाओं की ब्लड, ब्लड प्रेशर, वजन और हीमोग्लोबिन की जांच नियमित रूप से कराने के साथ जरूरत के अनुसार तत्काल उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
उन्होंने प्रसव केंद्रों पर जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा। सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के निर्देश देते हुए निजी अस्पतालों और संस्थानों में होने वाले प्रसव की भी प्रभावी निगरानी करने को कहा गया।
कम वजन वाले नवजातों की निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने कम वजन के साथ जन्म लेने वाले बच्चों की विशेष देखभाल करने को कहा। ऐसे नवजातों की जरूरी जांच समय पर कराने और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और गंभीर मामलों में समय पर उपचार सुनिश्चित करने को कहा।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या बढ़ाने पर जोर
बैठक में टीबी उन्मूलन अभियान की भी समीक्षा की गई। डीएम ने अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने नोडल अधिकारियों से ग्राम पंचायतों को गोद लेकर वहां टीबी की पहचान, जांच और उपचार से जुड़ी गतिविधियों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने को कहा। लक्ष्य रखा गया कि अभियान के जरिए जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की संख्या लगातार बढ़ाई जाए।
आयुष्मान कार्ड बनाने में तेजी लाने के निर्देश
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पात्र लोगों के गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान चलाकर पात्र परिवारों तक पहुंच बनाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी योग्य व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में आशा और संगिनी के भुगतान समेत स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने दोहराया कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ आम लोगों तक समय पर और प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। अस्पतालों में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को लगातार निरीक्षण और निगरानी करने को कहा गया।

