West Bengal के Malda में SIR अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना ने अब बड़ा रूप ले लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए Election Commission of India (ECI) ने जांच National Investigation Agency (NIA) को सौंप दी है।
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चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने NIA के महानिदेशक को पत्र लिखकर मामले की विस्तृत जांच करने और प्रारंभिक रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है। यह कदम Supreme Court of India की सख्त टिप्पणी के बाद उठाया गया है, जिसने इस घटना को गंभीर बताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
जानकारी के मुताबिक, NIA की टीम जल्द ही घटनास्थल का दौरा कर जांच शुरू कर सकती है। मालदा में प्रदर्शन के दौरान SIR से जुड़े अधिकारियों को करीब 7 से 9 घंटे तक बंधक बनाए जाने की घटना सामने आई थी, जिसमें सात न्यायिक अधिकारी शामिल थे, जिनमें तीन महिलाएं भी थीं।
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए Indian Secular Front (ISF) के उम्मीदवार मौलाना शाहजहां अली समेत कम से कम 17 लोगों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह घटना मालदा के मोथाबारी विधानसभा क्षेत्र के कलियाचक द्वितीय ब्लॉक कार्यालय में हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से जुड़े कार्य में लगे अधिकारियों का लंबे समय तक घेराव किया।
हालांकि, मौलाना शाहजहां अली ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है। उनका दावा है कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

