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अतिवृष्टि के कारण विधानसभा का कार्य स्थगित

अतिवृष्टि के कारण विधानसभा का कार्य स्थगित

मुंबई, ६ जुलाई (वार्ता) - राज्य में व्यापक अतिवृष्टि से उत्पन्न आपदा को देखते हुए प्रशासनिक उत्तरदायित्व के बिंदु पर ६ जुलाई के दिन विधानमंडल का कार्य दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया ।

विपक्ष ने सरकार की अवहेलना व असतर्कता पर प्रश्न उठाते हुए जांच की मांग की, जबकि सरकार ने कहा कि 'प्रकृति के चक्र परिवर्तन के कारण यह संकट आया' एवं इस विषय पर विस्तृत जानकारी सभागृह में प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा । इसके उपरांत विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर एवं विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे ने दोनों सदनों का कार्य स्थगित कर दिया । मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि स्थिति गंभीर है एवं नागरिक सतर्क रहें । ७ जुलाई को मैं संसद में इस स्थिति पर विस्तृत जानकारी दूंगा ।

'चाहे जीवित हानि हो जाए किन्तु; पेडों को छूना नहीं चाहिए' - कुछ लोगों की यह मानसिकता है ! - गिरीश महाजन, मंत्री आपदा प्रबंधन

दुर्घटनाग्रस्त मानखुर्द परिसर का निरीक्षण करने के उपरांत आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने विधान परिषद में वक्तव्य दिया कि मानखुर्द का अनधिकृत बस्ती क्षेत्र अत्यंत खतरनाक झुग्गी-झोपडी वाला भाग है एवं वहां कभी भी कुछ भी घट सकता है । इस दुर्घटना की गहन जांच की जाएगी । मुंबई में प्रति वर्ष लगभग ७५० पेड गिरते हैं; पर इस वर्षाकाल में केवल दो दिनों में ३५० पेड उखड कर गिर गए । ७० से ९० किमी प्रति घंटा की गति से चलनेवाली हवाओं के कारण यह भीषण हानि हुई । 'चाहे लोगों के प्राण चले जाएं; पर पेडों को हाथ मत लगाना'- ऐसी कुछ लोगों की मानसिकता है एवं इसी कारण निर्दोष लोगों की प्राण गए । पुणे जिले के पाटन क्षेत्र में भी भूस्खलन होने से ३ लोगों की जान गई । सरकारी कार्यालय एवं विद्यालय सदा बंद नहीं किए जा सकते, तदापि महानगरपालिक ने गटर 'मेनहोल्स' के समीप कर्मचारी तैनात किए हैं एवं आपदा प्रबंधन दल निरंतर सक्रिय हैं ।

विपक्ष ने विधानसभा परिसर की सीढियों पर बैठकर प्रदर्शन किया

'मेनहोल' में गिरने, पेडों के गिरने एवं मानखुर्द के अनधिकृत भवन के धराशायी होने से दो दिनों में १२ नागरिकों की मौत हुई । विपक्ष ने घटना की उच्च स्तरीय जांच एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कडी कार्रवाई की मांग करते हुए ६ जुलाई को विधानसभा परिसर की सीढियों पर बैठकर सरकार-विरोधी नारे लगाकर प्रदर्शन किया ।

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