कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या का हास्यास्पद वक्तव्य !
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामय्यादावणगेरे (कर्नाटक) - हमारा महात्मा गांधीवाला हिन्दुत्व है, जबकि भाजपा का नथुराम गोडसेवाला हिन्दुत्व है ।
हम गांधीजी के हिन्दुत्व के आधार पर समाज को जोडने का काम करते हैं, जबकि भाजपा गोडसे के हिन्दुत्व के आधार पर समाज में फूट डालने का काम करती है, ऐसा वक्तव्य कर्नाटक के कांग्रेसी मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने दिया । (कांग्रेस ने गांधी के कथित हिन्दुत्व का सम्मान किया; इसीलिए केंद्र में कांग्रेस के ५५ वर्षों के शासनकाल में देश की सभी क्षेत्रों में अधोगति हुई, ऐसा कहना अनुचित नहीं होगा ! - संपादक) वे दावणगेरे में एक चुनावी जनसभा को संबोधित कर रहे थे ।
भाजपा हिन्दुत्व का नाम लेकर सत्ता में आती है तथा भ्रष्टाचार करती है !
सिद्धरामय्या ने कहा कि भाजपा के लोग हिन्दुत्व का नाम लेकर सत्ता में आने का काम करते हैं । सत्ता में आने के उपरांत कोई काम नहीं करते; केवल लूटमार करते हैं । इससे पहले राज्य में जब भाजपा सत्ता में थी, तब उन्होंने कोई विकास कार्य नहीं किया । देश को स्वतंत्रता दिलानेवाली पार्टी कांग्रेस है । भाजपा के लोग देश के लिए कभी जेल नहीं गए । भ्रष्टाचार करने में वे नंबर १ पर हैं । वे राज्य की जनता का पूर्ण आशीर्वाद लेकर कभी सत्ता में नहीं आए । पिछले दरवाजे से 'ऑपरेशन कमल' (विधायकों को तोडकर) करके वे सत्ता में आए । हम सत्ता में रहते हुए विकास कार्य करते हैं । (कांग्रेस का विकास अर्थात मुसलमानों पर धन लुटाना, उन्हें सभी प्रकार की सुविधाएं देना, अपराधी मुसलमानों पर कार्रवाई न करना तथा हिन्दुत्वनिष्ठों पर अत्याचार करना ही है ! - संपादक)
(और इनकी सुनिए…) 'क्या हम हिन्दू नहीं हैं ?' - सिद्धरामय्या का प्रश्न केवल जन्म से हिन्दू होने एवं देवताओं का नाम होने से कोई हिन्दू नहीं हो जाता, अपितु हिन्दू धर्म के लिए तन, मन, धन एवं आवश्यकता पडने पर प्राण अर्पित करने वाला ही सच्चा हिन्दू होता है । क्या कांग्रेस या सिद्धरामय्या ने इनमें से कभी एक भी कार्य किया है ? इसके विपरीत, इतिहास साक्षी है कि हिन्दू धर्म पर अन्य किसी ने उतने प्रहार नहीं किए, जितने कांग्रेस और उसके नेताओं ने किए हैं ! सिद्धरामय्या ने कहा, 'क्या मैं हिन्दू नहीं हूं ? मंच पर बैठे नेता क्या हिन्दू नहीं हैं ? मेरा नाम ही सिद्धरामय्या है । इसमें दो देवताओं के नाम हैं - एक ईश्वर और दूसरा राम । फिर भी क्या हम हिन्दू नहीं हैं ?' ऐसे प्रश्न उन्होंने पूछे । (सिद्धरामय्या एवं कांग्रेसी यदि हिन्दू होते, तो उन्होंने हिन्दुओं पर अत्याचार नहीं किए होते ! - संपादक) |
संपादकीय भूमिका
|

