गुवाहाटी (असम) - वर्ष २०१८ में 'इंकलाब' नामक एक उर्दू समाचारपत्र ने यह दावा किया था कि राहुल गांधी ने कहा था, 'कांग्रेस मुसलमानों का पक्ष है ।' इस कथन में कितनी सत्यता है, यह स्पष्ट नहीं है ; तथापि वर्तमान में असम में निर्वाचित १९ विधायकों में से १८ विधायक मुसलमान हैं, जबकि शेष एक हिन्दू है ।
वहीं, बंगाल में कांग्रेस के नव-निर्वाचित दोनों विधायकों के नाम मोताब शेख (फरक्का निर्वाचन क्षेत्र) तथा जुल्फिकार अली (रानीनगर निर्वाचन क्षेत्र) हैं ।
केरल में कांग्रेस के नव-निर्वाचित १३ प्रतिशत विधायक मुसलमान !
केरल में कांग्रेस के निर्वाचित ६३ विधायकों में से कम से कम ८ विधायक मुसलमान हैं, अर्थात लगभग १३ प्रतिशत । इसके अतिरिक्त, केरल की 'संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा' में कांग्रेस के पश्चात सबसे बडा घटक दल 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' है । इस दल की स्थापना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना द्वारा की गई थी । देश के विभाजन के पश्चात 'ऑल इंडिया मुस्लिम लीग' के स्थान पर पाकिस्तान में 'मुस्लिम लीग' तथा भारत में 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' अस्तित्व में आई । इससे यह प्रतीत होता है कि हिन्दू सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के वातावरण में भी कांग्रेस का मुसलमानों के प्रति झुकाव छिपा नहीं है ।

