नेपाल की राष्ट्रीय विमान सेवा 'नेपाल एयरलाइन्स' का भारतद्वेषी मानचित्र आया सामने
(उपरोक्त चित्र प्रकाशित करके किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं है।
यह चित्र सूचनार्थ प्रकाशित किया गया है। - संपादक)
काठमांडू (नेपाल) - नेपाल में बालेन शाह की सरकार स्थापित होने के पश्चात भारतविरोधी घटनाएं सामने आ रही हैं । 'नेपाल एयरलाइन्स' ने नेपाल के राष्ट्रीय विमान संस्थान ने अभी कुछ दिन पूर्व ही एक मानचित्र प्रसारित किया । उसमें सम्पूर्ण जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में , तो सम्पूर्ण पूर्वोत्तर भारत को चीन में दिखाया गया । विश्व में अपनी विमान सेवा का संजाल कितना विस्तारित है , यह दिखाने की हडबडी में उन्होंने यह भारतद्वेषी कृत्य किया । इसका राष्ट्रप्रेमियों ने प्रखर विरोध दर्शाया । विरोध की तीव्रता देखकर अन्त में 'नेपाल एयरलाइन्स' ने इस विषय में स्पष्टीकरण देते हुए भूल होने की बात स्वीकार की है एवं क्षमायाचना की है ।
२९ अप्रैल को नेपाल के राष्ट्रीय विमान सेवा संस्थान 'नेपाल एयरलाइन्स' ने अपने 'एक्स' खाते पर विश्व का एक मानचित्र प्रसारित किया । उसमें उसने उपर्युक्त रूप से भारतीय प्रदेश का बडा भाग चीन एवं पाकिस्तान के भूभाग में दर्शाया था । उसका बडे स्तर पर विरोध हुआ । #NepalAirlines एवं #JammuKashmir जैसे 'हैशटैग' प्रयोग कर सहस्रों राष्ट्रप्रेमियों ने नेपाल की बडी मात्रा में आलोचना की । उन्होंने इस घटना को 'भारतविरोधी' , 'जानबूझकर किया गया दुर्व्यवहार' अथवा 'भारत को उकसावा' कहा है ।
(और इनकी सुनिए…) 'यह हमारी अथवा नेपाल सरकार की अधिकृत भूमिका नहीं !' - 'नेपाल एयरलाइन्स' का स्पष्टीकरण बढता विरोध देखते हुए 'नेपाल एयरलाइन्स' ने सार्वजनिक क्षमा मांगते हुए कहा कि , हमारे 'फ्लाइट नेटवर्क मानचित्र' में पाई गई त्रुटि के विषय में हम मन से क्षमा व्यक्त करते हैं । इस मानचित्र में अन्तरराष्ट्रीय सीमाओं के विषय में गंभीर त्रुटियां थीं और ये त्रुटियां किसी भी प्रकार से नेपाल सरकार अथवा 'नेपाल एयरलाइन्स' की अधिकृत भूमिका नहीं दर्शातीं । |
जम्मू की प्रखर राष्ट्रप्रेमी दिव्या गंडोत्रा टंडन ने 'एक्स' द्वारा व्यक्त की प्रतिक्रिया ! 'भारत ने अनेक दशकों से नेपाल की अर्थव्यवस्था को बल दिया है । खुली सीमा रखने से लेकर लाखों नेपाली नागरिकों को रोजगार उपलब्ध कराने तक ; व्यापार के लिए भारत के बन्दरगाह उपलब्ध कराने से लेकर ईंधन वाहिनियां (पाइपलाइन्स) , ऊर्जा प्रकल्प , आपदा निवारण सहायता , आधारभूत सुविधाओं का विकास , छात्रवृत्ति एवं सैन्य सहयोग बढाने तक - भारत ने सदैव नेपाल का दृढता से साथ दिया है । इस पृष्ठभूमि पर 'नेपाल एयरलाइन्स' द्वारा प्रसारित किया गया विमान उडान मार्गों का मानचित्र मात्र चौंकानेवाला प्रमाणित हुआ है । यह केवल 'डिजाइन' की भूल प्रतीत नहीं होती , अपितु यह एक गंभीर एवं संवेदनशील सूत्र है । जिस समय भारत नेपाल का सबसे बडा एवं सबसे विश्वासपात्र भागीदार है , ऐसे समय में एक राष्ट्रीय विमान संस्थान की ओर से हुई यह असावधानी पूर्ण रूप से अस्वीकार्य है । यह केवल एक मानचित्र नहीं है ; अपितु यह एक ऐसा सन्देश है , जो अनेक प्रश्न निर्माण करता है ।' |

