नई दिल्ली - ईरान द्वारा तेल परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' की नाकेबंदी करने के उपरांत पूरे विश्व पर ऊर्जा संकट मंडरा रहा है ।
अब ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी देते हुए कहा है कि 'हम 'बाब-अल-मंडेब' जलडमरूमध्य को भी लक्ष्य बना सकते हैं' ।
गालिबाफ ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर प्रश्न उठाए कि : "विश्व के कुल तेल, एल.एन.जी. (LNG), गेहूं, चावल एवं उर्वरक के परिवहन का कितना भाग बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है ? इस मार्ग से किन देशों एवं कंपनियों को सर्वाधिक आपूर्ति होती है ? कितने देश इस मार्ग पर निर्भर हैं ?" उनके इन प्रश्नों से यह संकेत मिल रहा है कि ईरान इस जलडमरूमध्य को लक्ष्य बना सकता है ।
कहां है बाब-अल-मंडेब जलडमरूमध्य ?

लाल सागर एवं एडन (अदन) की खाडी को जोडनेवाला संकरा समुद्री मार्ग ही 'बाब-अल-मंडेब' जलडमरूमध्य है । अरबी भाषा में 'बाब-अल-मंडेब' का अर्थ है 'आंसुओं का द्वार' । इस मार्ग की लंबाई १०० किलोमीटर है तथा न्यूनतम चौडाई ३० किलोमीटर है । सऊदी अरब के यांबू बंदरगाह से बडी मात्रा में खनिज तेल इसी मार्ग से भेजा जाता है । इस जलडमरूमध्य के माध्यम से लाल सागर एवं स्वेज नहर होकर भूमध्य सागर तक पहुंचा जा सकता है । यह एशिया एवं यूरोप को जोडनेवाला अत्यंत महत्त्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग है, जिससे यूरोप से आते समय अफ्रीका का चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पडती । यहां से तेल एवं प्राकृतिक गैस का बडी मात्रा में परिवहन होता है ।
इरान ने २४ घंटों में अमेरिका के २ विमान मार गिराए
पिछले २४ घंटों के भीतर ईरान ने अमेरिका के दो लडाकू विमान मार गिराए गए हैं । अमेरिका एवं ईरान दोनों के अधिकारियों ने इन दो विमानों के गिराए जाने की पुष्टि की है । लापता पायलटों को बचाने के लिए खोज अभियान जारी है । विमान में सवार ३ लोगों में से २ को अमेरिकी सेना ने सुरक्षित बचा लिया है, जबकि एक अब भी लापता है । ईरान ने भी कहा है कि वह लापता अमेरिकी पायलट को ढूंढ रहा है ।
गिराया गया 'F-15E' विमान साधारण रूप से दो पायलटों द्वारा उडाया जाता है । दूसरा विमान 'A-10' है, जो जमीन पर आक्रमण करनेवाला विमान है तथा इसका उपयोग बख्तरबंद वाहनों तथा थल सेना के विरुद्ध अभियानों के लिए किया जाता है ।
इस घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि लडाकू विमान गिराए जाने से चल रहे राजनयिक प्रयासों पर कोई असर नहीं पडेगा । उन्होंने स्पष्ट किया कि तनाव बढने के उपरांत भी बातचीत जारी रह सकती है ।
१२ सहस्र भारतीयों को निकालनेवाली कंपनी 'ओरेकल' (ORACLE) के कार्यालय पर ईरान का आक्रमण

अमेरिकी आईटी कंपनी 'ओरेकल' ने अचानक अपने ३० सहस्र कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया, जिनमें १२ सहस्र भारतीय कर्मचारी भी सम्मिलित हैं । इसी मध्य, दुबई स्थित इस कंपनी के कार्यालय पर ईरान ने मिसाइल दागकर आक्रमण किया । इस आक्रमण में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है ।
अमेरिका के वर्ष २०२७ के बजट में रक्षा खर्च बढाने का प्रस्ताव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने २०२७ के बजट में रक्षा खर्च को १.५ ट्रिलियन डॉलर (लगभग १४२.५ लाख करोड रुपये) तक बढाने का प्रस्ताव रखा है । इसके लिए कई घरेलू कार्यक्रमों के बजट में कटौती की गई है ।
रक्षा बलों के बजट में ४४% की वृद्धि तथा अन्य खर्चों में १०% की कटौती का सुझाव दिया गया है । यह योजना सैन्य निवेश पर प्रशासन के जोर को दर्शाती है । ट्रम्प ने कहा, "जब हम युद्ध लड रहे हैं, तो ऐसे समय में हमारे लिए डे-केयर, मेडिकेड या मेडिकेयर जैसी सुविधाओं का ध्यान रखना संभव नहीं है ।"
रिपब्लिकन सांसदों ने इस वृद्धि का स्वागत किया है, जबकि डेमोक्रेटिक नेताओं ने इसे 'नैतिक रूप से दिवालिया' योजना करार दिया है । यह प्रस्ताव तब आया है जब अमेरिका पर वर्तमान में ३९ ट्रिलियन डॉलर से अधिक का कर्ज है ।

