अब तक कुल १३ लोग बंदी !
पुणे - 'नीट २०२६' प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में सीबीआई ने २७ मई के दिन २ और आरोपियों को बंदी बनाया । लातूर के डॉ. मनोज शिरूरे ने एक 'कोचिंग सेंटर' के स्वामी (जो स्वयं भी आरोपी है) के पुत्र सहित ३ विद्यार्थियों को आरोपी पी.वी. कुलकर्णी से रसायन शास्त्र के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए थे ।
डॉ. शिरूरे को बंदी बनाया गया है । तेजस शाह पुणे स्थित 'डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी' नामक शिक्षण संस्थान में भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक हैं तथा उन्हें बंदी बनाया गया है । उन्हें नीट परीक्षा में भौतिक शास्त्र के लीक हुए प्रश्न आरोपी मनीषा हवालदार से प्राप्त हुए थे । इस प्रकरण में अब तक कुल १३ लोगों को बंदी बनाया जा चुका है । सीबीआई ने अब तक इस संबंध में विभिन्न ४९ स्थानों पर अन्वेषण अभियान चलाया है ।
प्रश्नपत्र लीक का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र है । यहीं से राजस्थान तथा अन्य राज्यों के विद्यार्थियों तक 'क्वेश्चन बैंक' पहुंचा । अन्वेषण संस्था अब उन सभी अभिभावकों की सूची सिद्ध कर रही है, जिनके बैंक खातों से प्रा. शिवराज मोटेगांवकर, प्रा. पी.वी. कुलकर्णी, तथा मनीषा वाघमारे के खातों में धन स्थानांतरित हुआ था ।
प्रा. मोटेगांवकर तथा प्रा. कुलकर्णी ने अभिभावकों को प्रश्नपत्र १० से १२ लाख रुपयों में बेचा !
प्रा. पी.वी. कुलकर्णी तथा प्रा. शिवराज मोटेगांवकर ने 'नीट' परीक्षा का प्रश्नपत्र १० से १२ लाख रुपयों तक विद्यार्थियों के अभिभावकों को बेचा । प्रश्नपत्र क्रय करने के लिए अनेक अभिभावकों द्वारा इन दोनों को ऑनलाइन धनराशि भेजने की सूचना है । प्रश्नपत्र लेने वाले अभिभावकों ने आगे अपने परिचित वर्ग के अन्य लोगों को २ से १० लाख रुपयों तक उसकी बिक्री की, ऐसा संज्ञान में आया है । नगर के कुछ आधुनिक चिकित्सकों ने अपने मित्रों के बच्चों को यह प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया । प्रा. मोटेगांवकर के दूरभाष (मोबाइल) में यह प्रश्नपत्र नीट परीक्षा से पूर्व ही आने के पश्चात प्रा. कुलकर्णी तथा मोटेगांवकर ने मिलकर यह प्रश्नपत्र बेचा, ऐसा सीबीआई को संदेह है ।
सीबीआई ने लातूर के ५ आधुनिक चिकित्सकों से पूछताछ की है । इनमें से चारों के बच्चों ने 'नीट' परीक्षा दी है एवं इस कारण प्रश्नपत्र क्रय करने में उनकी संलिप्तता होने का संदेह सीबीआई को है ।अभिभावक

