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पाकिस्तान में आतंकवादी रियाज भटकल की हिन्दू गैंगस्टरों ने करवाई हत्या !

पाकिस्तान में आतंकवादी रियाज भटकल की हिन्दू गैंगस्टरों ने करवाई हत्या !

पूर्व पुलिस अधिकारी राजेश पांडे की 'अंतहीन' पुस्तक में गैंगस्टर बबलू श्रीवास्तव के हवाले से दावा l

नई दिल्ली - भारतीय पुलिस सेवा (इंडियन पुलिस सर्विस) के पूर्व अधिकारी राजेश पांडे की 'अंतहीन' नामक पुस्तक में गैंगस्टर बबलू श्रीवास्तव के हवाले से दावा किया गया है कि, इंडियन मुजाहिद्दीन नामक आतंकवादी संगठन का आतंकवादी रियाज भटकल पाकिस्तान में मारा गया है ।

बबलू का दावा है कि, उसने स्वयं अपने लोगों के माध्यम से यह हत्या करवाई थी । राजेश पांडे जब बरेली (उत्तर प्रदेश) में पुलिस महानिरीक्षक थे, तब बबलू बरेली के कारागार में बंद था । उस समय राजेश पांडे ने उससे पूछताछ की थी । तब उसने यह जानकारी दी थी, ऐसा इस पुस्तक में उल्लेखित है ।

वर्ष २००३ से २००८ की अवधि में इंडियन मुजाहिद्दीन ने देश भर में अनेक स्थानों पर बम विस्फोट किए थे । विस्फोटों से संबंधित इन सभी अपराधों में अनेक आतंकवादियों को बंदी बनाया गया ; परंतु इन विस्फोटों का मुख्य सूत्रधार रियाज तथा इकबाल भटकल नेपाल के मार्ग से पाकिस्तान भाग गए थे । उन्होंने ही इस आतंकवादी संगठन को 'इंडियन मुजाहिद्दीन' नाम दिया था ।

छोटा राजन ने भी किया था दावा

६ नवंबर २०१५ को गैंगस्टर छोटा राजन को बंदी बनाए जाने से पूर्व उसने भी ऐसा दावा किया था कि, रियाज भटकल की पाकिस्तान में उसके आदमियों ने हत्या कर दी थी । पुस्तक में राजेश पांडे ने लिखा है कि, वर्ष १९९३ के मुंबई बम विस्फोटों के पश्चात अपराध जगत में हिन्दू-मुसलमान के आधार पर जो २ गुट बन गए थे । आतंकवादी दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में आई.एस.आई. (इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस - अंतर्सेवा खुफिया एजेंसी) के नियंत्रण में था तथा उसके विरोधी हिन्दू गुट के छोटा राजन, सुभाष ठाकुर, बबलू श्रीवास्तव, पी.पी. पांडे उर्फ बंटी पांडे भारतीय कारागारों में थे । पुराने मुकदमों में इन सभी को दंडित किया जा चुका था । सभी आज भी आजीवन कारावास का दंड भोग रहे हैं ।

भारतीय एजेंसियों की सहायता करने का गैंगस्टरों का दावा

१. राजेश पांडे के अनुसार , वर्ष २०१५ में छोटा राजन के तिहाड कारागार में आने के पश्चात इन सभी का कारागार में रहते हुए ही परस्पर संपर्क हुआ । शेष लोगों ने बबलू श्रीवास्तव का 'उसने अकेले के बल पर नेपाल में दाऊद का पूर्ण तंत्र समाप्त कर दिया' इस बात के लिए अभिनंदन किया । (ऐसा कहा जाता है कि, दाऊद से संबंधित नेपाली सांसद मिर्जा दिलशाद बेग की हत्या के षड्यंत्र में भी बबलू श्रीवास्तव का हाथ था)

२. बबलू ने सभी से कहा कि, दाऊद के साथ जो लोग पाकिस्तान भाग गए हैं, उन्हें भी समाप्त करना आवश्यक है, इसके लिए सभी को एक होना पडेगा ।

३. बबलू श्रीवास्तव ने आगे कहा कि, नेपाल का तंत्र समाप्त करते समय जो लोग पाकिस्तान भाग गए थे, उन्हें पाकिस्तान में भी उसी ने मार गिराया । इनमें मोहम्मद शारिक उर्फ छोटा दाऊद, सगीर अहमद, रियाज भटकल, अनवर खान सहित अनेक बडे आतंकवादियों का समावेश था ।

४. 'आज भी मौलाना मसूद अजहर, सैयद सलाहुद्दीन, तलहा हाफिज सईद, जकी उर रहमान लखवी, अमीर सरफराज तांबा जिसने सरबजीत सिंह की हत्या की थी, ये सभी अपना तंत्र पाकिस्तान में बैठकर संचालित कर रहे हैं । जब तक दाऊद समाप्त नहीं होता, तब तक हमारा प्रतिशोध पूर्ण नहीं होगा ; क्योंकि वह देश के विरुद्ध कार्य करता आया है तथा आई.एस.आई. के कहने पर भारत की बडी हानि की है । इसीलिए हम सभी को एक होकर भारतीय एजेंसियों की सहायता करनी होगी', ऐसा बबलू श्रीवास्तव ने कारागार के सभी बंदियों से कहा था ।

५. पुस्तक के अनुसार सभी गैंगस्टर इस बात पर सहमत हो गए ; क्योंकि उनके पास अन्य कोई विकल्प नहीं था । कारागार से मुक्त होने की कोई संभावना नहीं थी तथा कारागार में उन्हें छोटी-मोटी सुविधाएं भी चाहिए थीं ।

६. एजेंसियों की सहायता करने के बदले स्थानीय प्रशासन से अच्छा भोजन, बैरक में पृथक रहना, टेलीविजन देखना तथा चिकित्सकों से उपचार करवाना जैसी अच्छी सुविधाएं उन्हें प्राप्त हो सकती थीं ।

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