Dailyhunt
सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का पटना, बिहार में 'अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन' में सम्मान

सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी का पटना, बिहार में 'अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन' में सम्मान

  • हिन्दू जनजागृति समिति के धर्मप्रचारक सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने यह सम्मान ग्रहण किया !

  • धर्म एवं आध्यात्म के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया गया !

सद्गुरु सिंगबाळजी को सम्मान स्मृति-चिन्ह प्रदान करते विश्व ज्योतिष महासंघ के अध्यक्ष डॉ. लोकराज पौडेल, सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डॉ. एच.एस. रावत, विश्व ज्योतिष महासंघ के सभापति आचार्य डॉ. अशोक कुमार मिश्रा

पटना (बिहार)- यहां पर ४ से ६ अप्रैल तक आयोजित 'अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन' में महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय (MAV), गोवा द्वारा विविध शोध जैसे वास्तु में नामजप करने से होनेवाला सकारात्मक परिणाम, अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर, भारतीय गोमाता, भारतीय शास्त्रीय संगीत आदि विभिन्न विषयों पर औरा तथा एनर्जी स्कैनर्स के माध्यम से किया शोध कार्य प्रस्तुत किया ।

इससे सनातन धर्म की वैज्ञानिकता सिद्ध हुई तथा उसके पालन से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा कैसे बढती है यह सभी को स्पष्ट हुआ ।

 सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी

भारत के 'विश्वगुरु' बनने का संकल्प

सम्मेलन में सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी ने 'भारत भूमि की आध्यात्मिक शुद्धता, उसकी आध्यात्मिक एवं सांसारिक प्रगति का प्रमाण कैसे है', इस विषय पर शोध प्रस्तुत किए । उन्होंने बताया कि वर्ष १९९८ में ही विश्वविद्यालय के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी ने भविष्यवाणी की थी कि 'भारत एक ऐसे राष्ट्र के रूप में उदय होगा, जहां सनातन धर्म केंद्र में होगा तथा वह विश्वगुरु का स्थान प्राप्त करेगा ।'

 'अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन' में शोध प्रस्तुत करते (बाएं से) सद्गुरु नीलेश सिंगबाळजी एवं व्यासपीठ पर उपस्थित संत एवं मान्यवर

'अंतरराष्ट्रीय ज्योतिष, वास्तु और तंत्र सम्मेलन' की ओर से महर्षि अध्यात्म विश्वविद्यालय के संस्थापक सच्चिदानंद परब्रह्म डॉ. आठवलेजी को धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान के लिए 'धर्म अलंकार पुरस्कार' से सम्मानित किया गया । पुरस्कार के अंतर्गत सम्मान स्मृति-चिन्ह, मां पटन देवी सम्मान पदक एवं प्रमाण पत्र दिया गया ।

 सम्मान स्मृति-चिन्ह

इस सम्मेलन का आयोजन वर्ल्ड एस्ट्रो फेडरेशन, साउथ एशियन एस्ट्रो फेडरेशन और एस्ट्रो, वास्तु एंड वैदिक साइंसेस के संयुक्त तत्त्वावधान में किया गया । कार्यक्रम में बिहार के ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री श्री. अशोक चौधरी, नेपाल के राजगुरु श्री. माधव भट्टाराय व पश्चिम बंगाल के कला एवं संस्कृति दूत श्री. अनूप कुमार जैसे गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे ।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Sanatan Prabhat Hindi