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पुणे - राज्य सामायिक प्रवेश परीक्षा (सीईटी) प्रकोष्ठ द्वारा आयोजित एल.एल.बी. के तीसरे वर्ष की परीक्षा में हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का बिना आदर दिए उल्लेख कर उनका अपमान किए जाने की आक्रोशजनक घटना सामने आई है ।
इस घटना में संबंधितों पर कठोर कार्यवाही करने की मांग दौंड विधानसभा के भाजपा विधायक राहुल कुल ने पत्र के माध्यम से की है ।
२ अप्रैल २०२६ को आयोजित ऑनलाइन परीक्षा में सामान्य ज्ञान विभाग में 'शिवाजी के मंत्रिमंडल का नाम क्या था ?', ऐसा प्रश्न पूछा गया था । विधायक कुल ने कहा, ''परीक्षा में छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महान महापुरुष का बिना आदर दिए उल्लेख होना अत्यंत खेदजनक है । इस घटना से छत्रपति शिवाजी महाराज प्रेमियों तथा विद्यार्थियों की भावनाएं आहत हुई हैं । इस संदर्भ में कई परीक्षार्थियों ने मुझसे शिकायत भी की है ।''
विधायक राहुल कुल द्वारा पत्र के माध्यम से की गई मांगें ।
१. उक्त प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति तथा संबंधित उत्तरदायी अधिकारियों पर तुरंत कठोर प्रशासनिक कार्यवाही की जाए ।
२. सीईटी विभाग इस गंभीर त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना करे ।
३. भविष्य में किसी भी शासकीय या शैक्षणिक परीक्षा में महापुरुषों का अपमान न हो, इसके लिए स्पष्ट नियमावली बनाई जाए ।
४. सभी शैक्षणिक सामग्री और प्रश्नपत्रों में 'छत्रपति शिवाजी महाराज' ऐसा पूर्ण और सम्मानजनक उल्लेख करना अनिवार्य किया जाए ।
संपादकीय भूमिका सरकार को इस विषय में दोषियों को ढूंढकर उन पर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए । |

