वॉशिंगटन (अमेरिका) - अमेरिका के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री स्टीव हांके ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की प्रशंसा की है । उन्होंने कहा है कि भारतीय विदेश मंत्री भ्रम या उपद्रव की बजाय रणनीतिक सोच को प्राथमिकता देते हैं ।
१. स्टीव हांके ने 'एक्स' पर एक चित्र प्रकाशित किया । उसमें उन्होंने डॉ. एस. जयशंकर की विदेश नीति की सराहना करते हुए उसके पीछे की भूमिका स्पष्ट की । चित्र के एक भाग में युद्ध, आर्थिक प्रतिबंध और अनिश्चितता से ग्रस्त विश्व दिखाया गया है, जहां विभिन्न देशों के नेता आपस में उलझे हुए दिखाई देते हैं । दूसरे भाग में डॉ. एस. जयशंकर को दूरदर्शी नेतृत्व के रूप में दर्शाया गया है ।
२. डॉ. एस. जयशंकर को सीढियां चढते हुए दिखाया गया है तथा उन सीढियों पर 'डाइवर्सिफाई' अर्थात विविधता, 'डी-रिस्क' अर्थात नुकसान कम करना तथा 'हेज' अर्थात बचाव करना जैसे चरण दर्शाए गए हैं । इस चित्र के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि विश्व में चल रहे भ्रम में सम्मिलित होने के स्थान पर भारत दीर्घकालिक नीति पर बल दे रहा है । ये चरण संकेत देते हैं कि भारत वैश्विक समस्याओं में उलझने के स्थान पर अपना मार्ग चुनकर आगे बढ रहा है ।
३. इन अवधारणाओं का अर्थ यह है कि किसी एक देश या समूह पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना चाहिए । अंतरराष्ट्रीय संबंधों में संतुलन बनाए रखते हुए भारत विभिन्न विकल्प खुले रख रहा है, ताकि एक मार्ग बंद होने पर दूसरा उपलब्ध रहे । आपूर्ति श्रृंखला की जटिलताओं को ध्यान में रखते हुए भारत अपनी निर्भरता कम करने का प्रयास कर रहा है, जिससे वैश्विक संकटों का अर्थव्यवस्था पर अधिक प्रभाव न पडे ।

