राज्य के एक गांव में साफ पेयजल की मांग को लेकर चल रहा विवाद अब बड़ा रूप लेता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले डेढ़ महीने से लगातार धरने पर बैठे हैं और केवल साफ पानी की मांग कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है। इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से जल संकट की समस्या बनी हुई है। कई बार प्रशासन और संबंधित विभागों को शिकायत देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ, जिसके बाद ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण धरना शुरू किया।
ग्रामीणों का आरोप: मांग पर मिली कार्रवाई
धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि वे केवल अपने अधिकार—यानी साफ और सुरक्षित पेयजल—की मांग कर रहे थे। लेकिन इसके बदले उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की गई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है और कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है।
डेढ़ महीने से जारी धरना
जानकारी के अनुसार, गांव में जल संकट को लेकर ग्रामीण पिछले लगभग डेढ़ महीने से धरने पर बैठे हैं। इस दौरान उन्होंने कई बार अधिकारियों से बातचीत की कोशिश भी की, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।
लगातार आंदोलन के चलते गांव में प्रशासनिक दबाव और तनाव दोनों बढ़ते नजर आ रहे हैं।
प्रशासन की स्थिति
हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया है।
गांव में बढ़ा तनाव
FIR दर्ज होने की खबर के बाद ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। लोग मांग कर रहे हैं कि पहले उनकी मूल समस्या यानी साफ पानी की आपूर्ति को ठीक किया जाए, उसके बाद किसी भी कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जाए।
क्या है पूरा मामला?
हरियाणा के एक गांव में लंबे समय से चल रहे जल संकट के खिलाफ ग्रामीण डेढ़ महीने से धरने पर बैठे हैं। उनका आरोप है कि साफ पानी की मांग करने के बावजूद उनके खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है। इस घटना ने गांव में तनाव बढ़ा दिया है और ग्रामीण प्रशासन से समाधान की मांग कर रहे हैं। मामले पर प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।
Author: Rashmi Repoter

