Thursday, 26 Jul, 3.56 am संजीवनी टुडे

होम
जानिए इमरान खान का जीवन - क्रिकेट, सम्मान, विवादो और राजनीती का सफर

डेस्क। पाकिस्तान आम चुनाव में पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ 114 सीटों पर आगे चल रही है जबकि उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) 67 सीटों पर बढत बनाए हुए है। इस बिच जानते एक ऐसे शक्श को जिसने क्रिकेट से राजनीती का सफर किया।

परिवार - इमरान ख़ान नियाजी जन्म 25 नवम्बर 1952 को पकिस्तान के पंजाब में पैदा हुए। शौकत ख़ानम और इकरमुल्लाह खान नियाज़ी की संतान हैं, जो लाहौर में एक सिविल इंजीनियर थे। उनकी माता के परिवार में जावेद बुर्की और माजिद ख़ान जैसे सफल क्रिकेटर शामिल हैं यही से उन्हें क्रिकेट के प्रति रुझान हुआ। ख़ान, जो अपने युवावस्था में एक शांत और शर्मीली लड़के थे, एक मध्यम वर्गीय परिवार में अपनी चार बहनों के साथ पले-बढे।

स्कूली शिक्षा और कॉलेज - ख़ान ने लाहौर में ऐचीसन कॉलेज, कैथेड्रल स्कूल और इंग्लैंड में रॉयल ग्रामर स्कूल वर्सेस्टर में शिक्षा ग्रहण की, जहां क्रिकेट में उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट था। 1972 में, उन्होंने केबल कॉलेज, ऑक्सफोर्ड में दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र के अध्ययन के लिए दाखिला लिया, जहां उन्होंने राजनीति में दूसरी श्रेणी से और अर्थशास्त्र में तीसरी श्रेणी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

क्रिकेट - 1970 के दशक के आरंभ से ही उन्होंने अपनी घरेलू टीमों, लाहौर A (1969-70), लाहौर B(1969-70), लाहौर ग्रीन्स (1970-71) और अंततः, लाहौर (1970-71) से खेलना शुरू कर दिया। ख़ान 1973-75 सीज़न के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की ब्लूज़ क्रिकेट टीम का हिस्सा थे। उनकी पहचान विश्व के एक तेज़ गेंदबाज़ के रूप में तब बननी शुरू हुई जब 1978 में पर्थ में आयोजित एक तेज़ गेंदबाज़ी समारोह में उन्होंने 139.7 km/h की रफ्तार से गेंद फेंकते हुए, जेफ़ थॉमप्सन और माइकल होल्डिंग के पीछे तीसरा स्थान प्राप्त किया, एक कप्तान के रूप में, ख़ान ने 48 टेस्ट मैच खेले, जिसमें से 14 पाकिस्तान ने जीते, 8 में हार गए और बाकी 26 बिना हार-जीत के समाप्त हो गए। उन्होंने 139 एक-दिवसीय मैच भी खेले, जिनमें से 77 में जीत, 57 में हार हासिल हुई और एक बराबर का खेल रहा। उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच, जनवरी 1992 में पाकिस्तान के लिए श्रीलंका के खिलाफ़ फ़ैसलाबाद में खेला।

निजी जीवन - 1970 और 1980 के दशक के दौरान, ख़ान लंदन के एनाबेल्स और ट्रैम्प जैसे नाइट क्लबों की पार्टियों में निरंतर मशगूल होने के कारण, सोशलाइट के रूप में जाने गए, हालांकि वे दावा करते हैं कि उन्हें अंग्रेजी पबों से नफ़रत है और उन्होंने कभी शराब नहीं पी। उनके इन पूर्व गर्लफ्रेंड में से एक ब्रिटिश सीता व्हाइट, कथित रूप से उनकी नाजायज़ बेटी की मां बनीं। अमेरिका में एक न्यायाधीश ने उनका टीरियन जेड व्हाइट के पिता होने को प्रमाणित किया, लेकिन ख़ान ने पितृत्व का खंडन किया है। 16 मई, 1995 को, ख़ान ने अंग्रेज़ उच्च-वर्गीय, रईस जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ विवाह किया, जिसने पेरिस में दो मिनट के इस्लामी समारोह में अपना धर्म परिवर्तन किया। एक महीने बाद, 21 जून को, उन्होंने फिर से इंग्लैंड में रिचमंड रजिस्टर कार्यालय में एक नागरिक समारोह में शादी की, उसके तुरंत बाद गोल्डस्मिथ के सरी में स्थित घर पर स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस शादी से, जिसे ख़ान ने "कठिन" परिभाषित किया, सुलेमान ईसा (18 नवम्बर 1996 को जन्म) और कासिम (10 अप्रैल, 1999 को जन्म), दो पुत्र हुए। अपनी शादी के समझौते के अनुसार, ख़ान वर्ष के चार महीने इंग्लैंड में व्यतीत करते थे। 22 जून, 2004 को यह घोषणा की गई कि ख़ान दंपत्ति ने तलाक़ ले लिया है। इमरान की दूसरी शादी 2015 में एक टीवी एंकर रेहम खान से हुई जो महज़ 10 महीने ही चल सकी। इमरान खान ने फरवरी 2018 में तीसरी शादी की। इस बार उन्होंने बुशरा मानिका से निकाह किया। बुशरा मानिका इमरान की धार्मिक गुरु मानी जाती थीं।

राजनीती - अप्रैल 1996 में ख़ान ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ राजनीतिक पार्टी बनाई और उसके अध्यक्ष बने और जिसके वे संसद के लिए निर्वाचित केवल एकमात्र सदस्य बने. उन्होंने नवंबर 2002 से अक्टूबर 2007 तक नेशनल असेंबली के सदस्य के रूप में मियांवाली का प्रतिनिधित्व किया। 1997 में वह अपना पहला चुनाव हार गए। फिर उन्होंने 2002 का चुनाव लड़ा। उनकी पार्टी की तरफ से बस उन्हें ही जीत मिली। नवंबर 2007 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशरर्फ ने आपातकाल की घोषणा की तो इमरान को भी जेल जाना पड़ा। इमरान खान ने 2008 के चुनावों का बहिष्कार किया। इमरान खान ने 2013 में 'नया पाकिस्तान' का नारा दिया। इमरान ने पाकिस्तान के ताकतवर राजनीतिक परिवारों शरीफ और भुट्टो परिवार के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया। पनामा लीक्स में नाम आने पर इमरान के निशाने पर नवाज शरीफ और उनकी पार्टी पीएमएल नवाज रही। अब अगर इमरान पीएम बने तो एक तरह से यह शरीफ और भुट्टो परिवार के बाद अब नियाजी परिवारी की सियासत का दौर होगा।

आरोप व आलोचना - क्रिकेट के दौरान इमरान की छवि क्लबों में जाने वाले एक हाइक्लास रोमियो की बन चुकी थी। सुज़ाना कॉन्सटेनटाइन, लेडी लीज़ा कैम्पबेल जैसे नवोदित युवा कलाकारों और चित्रकार एम्मा सार्जेंट के साथ रोमांस के कारण, लंदन गपशप कॉलमों में ख्याति बटोरी। उनकी इन पूर्व गर्लफ्रेंड सीता व्हाइट ने दवा किया की वो उनकी बेटी के बाप है। अमेरिका में एक न्यायाधीश ने उनका टीरियन जेड व्हाइट के पिता होने को प्रमाणित किया, लेकिन ख़ान ने पितृत्व का खंडन किया है। जो हमेशा उनके विपक्ष का मुदा बन जाता है। टीवी एंकर रेहम खान जो उनकी दूसरी बीवी हैं। अपनी शादी के दौरान इमरान खान पर यौन शोषण तक के आरोप लगाए हैं। रेहम ने एक किताब लिखी है। जिसमें इमरान के कई अवैध रिश्तों और औलादों का दावा किया गया है। उनके विरोधियों का दावा है कि इस गलती को राजनीतिक फायदे में बदलने के लिये इमरान खान ने अपनी आध्यात्मिक सलाहकार बुशरा मानेका से फरवरी में शादी की।

पुरस्कार और सम्मान- 1983 में राष्ट्रपति का प्राइड ऑफ़ परफार्मेंस पुरस्कार प्राप्त किया था।1992 में ख़ान को पाकिस्तान के प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार, हिलाल-ए-इम्तियाज़ से सम्मानित किया गया। ख़ान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं और ऑक्सफोर्ड केबल कॉलेज के मानद सदस्य रहे हैं। 7 दिसम्बर, 2005 को ख़ान ब्रैडफोर्ड विश्वविद्यालय के पांचवें कुलपति नियुक्त किये गए, जहां वे बॉर्न इन ब्रैडफोर्ड अनुसंधान परियोजना के संरक्षक भी रहे। ऑल-राउंडर होने के कारण ख़ान को 1980 और 1976 में द क्रिकेट सोसायटी वेदरऑल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 1983 में उन्हें विसडेन क्रिकेटर ऑफ़ द इयर, 1985 में ससेक्स क्रिकेट सोसाइटी प्लेयर ऑफ़ द इयर और 1990 में भारतीय क्रिकेट वर्ष का क्रिकेटर घोषित किया गया। लंदन में 2004 के एशियन जुएल अवार्ड में ख़ान को लाइफ़-टाइम एचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। 13 दिसम्बर, 2007 को पाकिस्तान में पहला कैंसर अस्पताल स्थापित करने में उनके प्रयासों के लिए ख़ान को कुवालालंपुर में एशियाई खेल पुरस्कारों के अर्न्तगत ह्युमेनिटेरियन अवार्ड से नवाज़ा गया। 2009 में, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के शताब्दी उत्सव में ख़ान, उन पचपन क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्हें ICC हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया गया।

Dailyhunt
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Dailyhunt. Publisher: Sanjeevnitoday
Top