Friday, 22 Jan, 1.01 am संजीवनी टुडे

राष्ट्रीय
वायुसेना में 2800 घंटे ​की त्रुटिहीन उड़ान ​का रिकॉर्ड है डांगी के नाम

​नई दिल्ली। फ्रांस में राफेल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट टीम का नेतृत्व​ करने वाले ​​​​​​एयर ​कमोडोर डीएस डांगी ​को ​​एयरफोर्स स्टेशन तेजपुर (सलूनबीरी) ​का ​​​एयर ऑफिसर कमांडिंग​ नियुक्त किया गया है।​ उन्होंने गुरुवार को​​ ​एयर कमोडोर तेजपाल सिंह से ​चार्ज लिया। ​कर्तव्य के प्रति असाधारण स​​मर्पण के लिए ​​राष्ट्रपति ​की ओर से उन्हें 2012 में 'वायु सेना पदक​' से सम्मानित किया​ जा चुका है​।

​​​एयर ​कमोडोर धर्मेंद्र सिंह ​डांगी को ​19 ​दिसम्बर,​ 92 को ​भारतीय वायु सेना ​की फ्लाइंग ब्रांच में ​​कमीशन किया गया था। उन्होंने 01 ​सितम्बर, 09 से एक ​सुखोई-30​ एमकेआई स्क्वाड्रन की कमान ​फ्लाइट कमांडर के रूप में संभा​ली है। ​वह लड़ाकू विमान मिग​​-27 ​को ​अपग्रेड ​करने ​की परियोजना के वरिष्ठ परीक्षण पायलट ​भी रहे हैं​।​ ​अपग्रेड परियोजना में उनकी गहरी भागीदारी और योगदान ​के चलते ही मिग​​-27 ​की प्रारंभिक परिचालन मंजूरी समय पर ​मिल सकी और इन विमानों को वायुसेना के बेड़े में समय से शामिल किया जा सका।​ उनके फ़्लाइंग अनुभव और सुखोई विमानों का परीक्षण पायलट ​रहने का लाभ विमानों के ​​तकनीकी उन्नयन या रखरखाव से संबंधित मुद्दों का विश्लेषण और समाधान करने ​में ​वायुसेना को मिला है​​​।​

​​एयर ​कमोडोर डांगी​​ योग्य पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर, क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और एक प्रायोगिक टेस्ट पायलट ​हैं जो दुर्लभ संयोजन है ​जिसे अब तक ​​केवल कुछ ही पायलटों ने हासिल किया है।​ वायुसेना में 2800 घंटे ​की त्रुटिहीन उड़ान ​का रिकॉर्ड ​उनके नाम है जिसके लिए उन्हें 1999 और 2009 में वायु सेना प्रमुख द्वारा ​सराहा जा चुका है​।​ उन्हें सितम्बर​,​ 2009 में पूर्वी वायु कमान में ​सुखोई की पहली स्क्वाड्रन का गठन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।​​​ इसमें अत्यंत सीमित जनशक्ति और संसाधनों के साथ जमीनी स्तर से इकाई के परिचालन, रखरखाव और प्रशासनिक सेटअप को शामिल करना शामिल था​​।​ इस बमुश्किल कार्य को उन्होंने अपनी ​दूरदर्शिता​ और प्रबंधकीय कौशल ​से पूरा किया​ जिससे समय से संचालन शुरू हो सका​।

Dailyhunt
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