Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
सरकार एथेनॉल पेट्रोल के बचाव में उतरी, कहा- अगर ये न करते तो दिल्ली में 125/= बिकता

सरकार एथेनॉल पेट्रोल के बचाव में उतरी, कहा- अगर ये न करते तो दिल्ली में 125/= बिकता

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blended Petrol) कार्यक्रम का बचाव करते हुए एक अहम जानकारी दी है। सरकार के अनुसार, जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 135 डॉलर प्रति बैरल के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंची थीं, तब यदि पेट्रोल में इथेनॉल न मिलाया गया होता तो दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹125 प्रति लीटर तक पहुंच सकती थी।

संकट के समय आम जनता को राहत

पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, घरेलू स्तर पर पूर्व-निर्धारित दरों पर खरीदे गए इथेनॉल के 20% मिश्रण (E20) की वजह से ग्राहकों को उस संकट के चरम समय में भी ₹94.77 प्रति लीटर ही भुगतान करना पड़ा। इस तरह इथेनॉल ब्लेंडिंग ने आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल पर प्रति लीटर लगभग ₹30 की सीधी बचत कराई।सरकार ने बताया कि 28 फरवरी को पश्चिम एशिया संघर्ष (West Asia conflict) शुरू होने के बाद करीब 75 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रखी गई थीं, जिसके बाद मई में इसमें ₹7.5 प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। दिल्ली में वर्तमान कीमतें: मानक E20 पेट्रोल (91-ऑक्टेन): ₹102.12 प्रति लीटर। 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल: ₹169.00 प्रति लीटर।

सब्सिडी वाले चावल के इस्तेमाल के आरोपों का खंडन

मंत्रालय ने एथेनॉल नीति पर उठ रहे सवालों, खाद्य सुरक्षा पर इसके प्रभाव और करदाताओं की सब्सिडी के दुरुपयोग संबंधी आरोपों को खारिज कर दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि गरीबों के लिए निर्धारित अनाज या भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सब्सिडी वाले चावल का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन के लिए नहीं किया जा रहा है।

माइलेज और वाहनों की कार्यक्षमता पर प्रभाव

वाहनों के माइलेज पर असर को लेकर दोनों मंत्रालयों ने संसद में आंकड़े प्रस्तुत किए:

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH): ARAI, SIAM और IOC के संयुक्त अध्ययन का हवाला देते हुए सड़क परिवहन मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि E10 ईंधन के लिए डिज़ाइन किए गए BS-III, BS-IV और BS-VI वाहनों में E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने पर उनकी ईंधन दक्षता (Mileage) में वाहन श्रेणी व उम्र के आधार पर 2% से 6% तक की कमी आ सकती है।
पेट्रोलियम मंत्रालय: इससे पहले 20 जुलाई को राज्यसभा में पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा था कि ऐसे वाहनों के माइलेज में गिरावट केवल 3% से 5% तक ही सीमित है।

'इंजन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं'

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि E20 ईंधन की शुरुआत चरणबद्ध और वैज्ञानिक रूप से जांचे-परखे तरीके से की गई है। ऑटोमेकर्स, तेल कंपनियों, चीनी और अनाज उद्योग के साथ व्यापक परामर्श के बाद ही इसे लागू किया गया।सरकार ने बताया कि प्रयोगशाला परीक्षणों और व्यावहारिक डेटा के अनुसार E20 ईंधन से वाहनों के प्रदर्शन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है। वर्तमान में देश में 20 करोड़ से अधिक दोपहिया वाहन और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें एथेनॉल मिश्रित ईंधन पर सुचारू रूप से चल रही हैं, और एथेनॉल के कारण इंजन खराब होने का कोई प्रामाणिक मामला सामने नहीं आया है।
Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Satya Hindi