हालांकि, हेजलवुड को टीम से अंदर बाहर होता देख फैंस के मन में ये सवाल उठने लगा कि क्या हेजलवुड पूरी तरह फिट भी हैं या नहीं और क्या वो RCB के लिए बाकी बचे सभी मैच खेलेंगे या उन्हें वर्कलोड को मैनेज करने की ज़रूरत है। LSG के खिलाफ मैच के बाद, 35 साल के इस खिलाड़ी ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की और बताया कि उनका लक्ष्य बाकी बचे सभी मैच खेलना है और RCB का शेड्यूल उन्हें ऐसा करने की इजाज़त देता है।
मैच के बाद की प्रेजेंटेशन में हेज़लवुड ने कहा, "प्लान यही है कि उम्मीद है मैं खेलता रहूंगा। यहां से हमारा शेड्यूल काफी अच्छा है, इसलिए उम्मीद है कि मैं खेलता रहूंगा।पिछले कुछ महीनों का सफर थोड़ा लंबा रहा है, लेकिन हां, मुझे लगता है कि राजस्थान के खिलाफ पिछले मैच में मेरी 'जंग' दूर हो गई। आज मुझे काफी बेहतर महसूस हुआ और मेरी लय भी अच्छी लग रही है।"
आगे बोलते हुए हेजलवुड ने कहा, "मुझे लगा कि सभी गेंदबाज़ों ने कमाल की गेंदबाज़ी की। मैं कुछ अलग तरह की गेंदें भी डालना चाहूxगा, लेकिन एक टेस्ट गेंदबाज़ के तौर पर, अच्छी धीमी गेंदें डालना काफी मुश्किल होता है। मैं हमेशा उन पर काम करता रहता हूं। आपको हमेशा अपने तरकश में ऐसे हथियार रखने होते हैं और आगे बढ़ते रहना होता है। ज़ाहिर है कि रसिख सलाम शुरुआती कुछ मैच नहीं खेल पाया, लेकिन पिछले कुछ मैचों के लिए उसे टीम में चुना गया है और वो बहुत ज़ोरदार ट्रेनिंग कर रहा है। उसके पास कुछ बेहतरीन हुनर है और हमने पिछले कुछ मैचों में ये देखा भी है। वो मुश्किल ओवरों में भी गेंदबाज़ी करता है। रसिख के लिए ये एक बहुत बड़ा टूर्नामेंट है।"

