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भाग्यश्री ने काशी यात्रा पर स्थानीय खाने को प्रमोट करने पर उठे सवालों का दिया जवाब

भाग्यश्री ने काशी यात्रा पर स्थानीय खाने को प्रमोट करने पर उठे सवालों का दिया जवाब

Stress Buster 1 week ago

भाग्यश्री का काशी यात्रा पर बयान

मुंबई, 7 जुलाई। अभिनेत्री भाग्यश्री ने काशी यात्रा के दौरान स्थानीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने पर हो रही आलोचनाओं का सख्त जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय खाने और विक्रेताओं का समर्थन करने से उनकी मदद होती है, और कुछ लोग बिना सही जानकारी के विवाद खड़ा कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर भाग्यश्री ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह कुल्हड़ में बनारसी लस्सी का आनंद लेती दिखाई दे रही हैं। उन्होंने बताया कि वह सुबह 3 बजे से मंगला आरती में शामिल हुई थीं और इसके बाद गर्मी में गंगा घाटों पर घूमते समय लस्सी उनके लिए ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत बनी।

उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि लस्सी में डाले गए सूखे मेवों का स्वाद उन्हें बहुत पसंद आया। भाग्यश्री ने यह भी कहा कि मीठी या नमकीन लस्सी का चुनाव व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। मधुमेह के मरीजों के लिए मीठी लस्सी सही विकल्प नहीं हो सकती, लेकिन दही कैल्शियम, प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है, जबकि चीनी या गुड़ ऊर्जा प्रदान करता है और पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है। 40 डिग्री तापमान में यह उनके लिए एक आदर्श पेय था।

भाग्यश्री ने उस वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने लस्सी का केवल प्रचार किया, लेकिन उसे नहीं पिया। उन्होंने कहा, "क्या आप वहां थे? क्या किसी ने मुझे यह कहते सुना कि लस्सी बहुत मीठी है और मैं इसे नहीं पिऊंगी? आधी जानकारी और अधूरा वीडियो साझा करना असली फर्जीवाड़ा है।"

उन्होंने आगे कहा, "स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्रमोट करने से कोई पैसे नहीं कमाता। इससे केवल स्थानीय खाने और छोटे विक्रेताओं को समर्थन मिलता है। यह दुखद है कि कुछ लोग इतनी साधारण बातों में भी नकारात्मकता ढूंढ लेते हैं। काशी जैसी पवित्र जगह पर आपकी बेवजह की आलोचना महत्वहीन है।"

हाल ही में वाराणसी के एक स्थानीय लस्सी विक्रेता के पास भाग्यश्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद कुछ लोगों ने कहा कि उन्होंने लस्सी नहीं पी और इसकी वजह उसमें अधिक चीनी और वसा होना बताया। इस पर सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कुछ लोगों ने उनके प्रचार पर सवाल उठाए, जबकि कई यूजर्स ने उनका बचाव किया और कहा कि हर किसी की खान-पान संबंधी प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं।


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