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क्या आप जानते हैं शंकर-जयकिशन की पहली मुलाकात का दिलचस्प किस्सा?

क्या आप जानते हैं शंकर-जयकिशन की पहली मुलाकात का दिलचस्प किस्सा?

Stress Buster 4 days ago

शंकर-जयकिशन की अनोखी कहानी

मुंबई, 9 मई। संगीत की दुनिया में कुछ जोड़ी ऐसी होती हैं, जो न केवल हिट गाने देती हैं, बल्कि अपने समय का इतिहास भी रचती हैं। हिंदी सिनेमा में शंकर-जयकिशन की जोड़ी ऐसी ही एक प्रसिद्ध जोड़ी है।

उनके गाने आज भी लोगों के दिलों में गूंजते हैं। रियलिटी शो इंडियन आइडल के एक आगामी एपिसोड में, गीतकार और कवि मनोज मुंतशिर ने इस जोड़ी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया।

मनोज ने बताया कि शंकर और जयकिशन की पहली मुलाकात किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। शंकरजी, जो हैदराबाद से मुंबई काम की तलाश में आए थे, एक फिल्म प्रोड्यूसर के ऑफिस के चक्कर काटते रहे। महीनों तक उन्हें केवल इंतजार ही करना पड़ा। एक दिन उन्होंने देखा कि ऑफिस के कोने में एक लड़का (जयकिशन) चुपचाप बैठा है। जब शंकरजी ने उससे पूछा कि वह वहां क्यों है, तो उसने बताया कि वह भी काम की तलाश में आया है।

जब शंकरजी ने उससे पूछा कि वह क्या करता है, तो जयकिशन ने कहा कि वह हारमोनियम बजाता है। यहीं से उनकी बातचीत शुरू हुई और दोस्ती हो गई। उस समय शंकरजी पृथ्वी थिएटर में तबला बजाते थे। उन्होंने जयकिशन को पृथ्वीराज कपूर के पास ले जाकर कहा, "पापाजी, यह बहुत अच्छा लड़का है, इसे काम दे दीजिए।" इसके बाद दोनों ने मिलकर काम करना शुरू किया।

मनोज ने आगे बताया कि इसी दौरान उनकी मुलाकात राज कपूर से हुई। उस समय राज कपूर अपनी दूसरी फिल्म बना रहे थे। उनकी पहली फिल्म 'आग' का संगीत राम गांगुली ने दिया था, और कुछ समय तक शंकर-जयकिशन उनके सहायक भी रहे। बाद में राज कपूर ने अपनी दूसरी फिल्म का संगीत देने का मौका इस नई जोड़ी को दिया। यहीं से हिंदी सिनेमा को एक ऐसा संगीतकार जोड़ा मिला, जिसने कई दशकों तक संगीत की दुनिया पर राज किया।

मनोज ने कहा कि जिस जोड़ी की शुरुआत पृथ्वी थिएटर से हुई थी, उनके गानों को सुनने के लिए सिनेमाघरों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लगने लगीं। उनके गानों में ऐसा जादू था कि लोग आज भी उन्हें सुनकर पुराने दौर में खो जाते हैं।

शंकर-जयकिशन ने 50, 60 और 70 के दशक में हिंदी सिनेमा को कई यादगार गाने दिए। 'आवारा' का प्रसिद्ध गीत 'आवारा हूं', 'श्री 420' का 'प्यार हुआ इकरार हुआ', 'संगम' का 'ये मेरा प्रेम पत्र' और 'सूरज' का 'बहारों फूल बरसाओ' जैसे गाने आज भी सदाबहार माने जाते हैं। उनकी धुनों में प्यार, दर्द, खुशी और जिंदगी का हर रंग महसूस होता था।


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